बरेली में मस्जिद को सैनिटाइज करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
हालात ठीक होने तक मस्जिदों-दरगाहों को आगे भी बंद रखने पर भी चर्चा
बरेली। सरकार की ओर से शर्तों के साथ धर्मस्थलों को खोलने की अनुमति देने के बाद मस्जिदों-दरगाहों की इंतजामिया में असमंजस कम होने के बजाय और बढ़ गया है। रविवार को इस सवाल पर पूरे दिन मंथन किया गया कि सिर्फ पांच लोगों की पाबंदी पर आखिर किस तरह अमल किया जाए और इन पांच लोगों को कैसे चुना जाए। इस बात पर भी चर्चा की गई कि चूंकि सिर्फ पांच लोगों को बुलाकर मस्जिदों में नमाज कराना मुश्किल है लिहाजा उन्हें हालात ठीक होने तक पहले की तरह बंद ही रखा जाए।
रविवार को जिला प्रशासन के साथ पुलिस लाइन में आयोजित बैठक में भी कई दरगाह, खानकाह और मस्जिदों के इमाम ने यह सवाल उठाया मगर मसला हल नहीं हो पाया। इमाम और मुतवल्लियों का कहना है कि पांच लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था पहले से थी। अब भी यही पाबंदी है लिहाजा उनके सामने मोहल्ले में मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए पांच लोगों को चुनना मुश्किल है क्योंकि इससे बाकी लोगों में नाराजगी फैलेगी। इमामों के बीच इस बात पर भी विचार किया गया कि आगे कुछ और वक्त पुरानी व्यवस्था को बनाकर रखा जाए। आम मुसलमानों में भी दिन भर यही चर्चा रही कि यही स्थिति रखी जानी है तो धर्मस्थल खोलने का कोई मतलब ही नहीं है। बेहतर है कि व्यवस्था जिस तरह चल रही थी, उसे वैसे ही चलने दिया जाए।
गाइड लाइन के मुताबिक मस्जिदों में अदा करें नमाज: अहसन मियां
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसन मियां ने कहा कि कोरोना का खतरा अभी बरकरार है। मुल्क के कई सूबों में हालात काफी गंभीर है लिहाजा जरा भी लापरवाही लोगों के लिए बड़ी दिक्कत पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि यूपी की हुकूमत ने आठ जून से धर्मस्थलों को खोलने का फैसला किया है लिहाजा शासन की गाइड लाइन पर दरगाहों-खानकाहों में पूरी तरह अमल किया जाए। आपसी दूरी का पूरी तरह ख्याल रखें। उन्होंने उम्मीद जताई कि हालात जल्द सामान्य होंगे और लोग पहले अपने रब की इबादत जैसे करते थे वैसा ही फिर कर सकेंगे।
मस्जिदों-दरगाहों में पांच से ज्यादा लोग न हों इकट्ठे
तंजीम उलमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा है कि लोग शासन की गाइडलाइन का पालन करें। अपने घरों से वजू करके मस्जिद आएं और फर्ज नमाज पढ़कर लौटने के बाद घर में सुन्नत और नफ्ल पढ़ें। घर से निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं और आपसी दूरी का खास ख्याल रखें। मस्जिदों-दरगाहों में एक बार में सिर्फ पांच ही लोग जाएं।