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इज्जतनगर रेल मंडल की महिला कर्मचारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

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महिला के लगातार ऑफिस आने को लेकर कर्मचारियों ने किया हंगामा
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एक एसीएमएस समेत तीन कर्मचारियों को किया गया है क्वारंटीन

बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल की एक महिला कर्मचारी में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महिला कर्मचारी जांच के लिए सैंपल लिए जाने के बावजूद लगातार डीआरएम ऑफिस आ रही थी। शुक्रवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो ऑफिस में हड़कंप मच गया। मंडल की रेल यूनियनों के पदाधिकारी ऑफिस बंद कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक उन्होंने जमकर हंगामा किया। अब शनिवार और रविवार को डीआरएम ऑफिस सैनिटाइज किया जाएगा। ऑफिस में सोमवार से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कर्मचारी काम करेंगे। संक्रमित पाई गई महिला कर्मचारी को रेलवे अस्पताल के कोविड-19 वार्ड में भर्ती कराया गया है।
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इज्जतनगर रेल मंडल के कैरिज एंड वैगन अनुभाग की एक महिला कर्मचारी छह जून को राजस्थान से लौटी थी। सिटी स्टेशन पर हेल्थ यूनिट के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएस चौहान ने उसे कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल देने जिला अस्पताल भेजा था। जिला अस्पताल में उसका सैंपल तो ले लिया गया, लेकिन कोरोना का कोई प्रत्यक्ष लक्षण न पाए जाने पर डॉक्टरों ने उसे क्वारंटीन रहने के निर्देश देकर घर भेज दिया, लेकिन महिला डीआरएम ऑफिस में ड्यूटी पर जाने लगी। उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आई तो डॉ. एसएस चौहान ने दो दिन के लिए अस्पताल बंद करके खुद को क्वारंटीन कर लिया। इधर, महिला ड्यूटी के दौरान कंट्रोल रूम, पर्सनल अनुभाग समेत कई ऑफिसों में गई। इसे लेकर कर्मचारियों में गुस्सा फैल गया। वे ऑफिस से बाहर आकर हंगामा करने लगे। रेल यूनियनों के पदाधिकारी धरने पर बैठ गए। डीपीओ मनोज कुमार ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद एडीआरएम मनोज वार्ष्णेय ने मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी को ऑफिस में बुलाकर बात की। बसंत चतुर्वेदी का कहना था कि ऑफिस बंद किया जाए। इस पर एडीआरएम ने शनिवार और रविवार को ऑफिस सैनिटाइज कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए।

अधिकारी नहीं आए तो बिजली काटने की दी धमकी

जिस वक्त कर्मचारी हंगामा कर रहे थे, उस वक्त डीआरएम के चेंबर में वीडियो कांफ्रेंसिंग चल रही थी। डीआरएम चेंबर के बाहर दो कर्मचारी खड़े कर दिए गए थे, ताकि कोई अंदर न आ पाए। तीन घंटे तक कोई भी अधिकारी बाहर नहीं आया तो इलेक्ट्रिकल अनुभाग के कर्मचारियों ने बिजली काटने की धमकी दी। इसके बाद डीपीओ मनोज कुमार बाहर आए और कर्मचारियों से बात की।
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