परिजनों ने नर्सिंग होम और ससुरालियों पर लापरवाही का लगाया आरोप, दोनों पक्षों पर रिपोर्ट दर्ज
नवाबगंज। थाना क्षेत्र के ग्राम सिजौलिया के एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब प्रसव के कुछ घंटे बाद शनिवार रात को रुचिका नर्सिंग होम में महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और बेटी के ससुरालियों पर दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाकर रविवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ग्राम सिजौलिया के शांति स्वरूप ने बताया कि पुत्री संध्या उर्फ सुमनलता का विवाह करीब 10 माह पूर्व ग्राम नंदपुर निवासी अमित कुमार के साथ किया था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। संध्या गर्भवती थी। 27 दिसंबर को उसके जेठ ने जान पहचान के रुचिका नर्सिंग होम, बरेली में भर्ती कराया। वहां उसका प्रसव कराया गया, जहां न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही डिलीवरी की कोई विधिवत सुविधा।
संध्या के भाई जितेंद्र कुमार ने कई बार बेहतर अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई। लेकिन ससुरालियों ने टालमटोल करते हुए भर्ती नहीं कराया। कुछ ही देर में संध्या की हालत बिगड़ी। उसे दूसरे अस्पताल ले गए। वहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमाॅर्टम के बाद मृतका का शव जैसे ही गांव सिजौलिया पहुंचा। वहां मातम पसर गया। संवाद
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पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई : थानाध्यक्ष
पीड़ित पिता शांति स्वरूप ने संध्या के पति अमित कुमार, जेठ सुनील कुमार, जेठानी निर्मला, सास मिथलेश, ससुर प्रेमपाल और रुचिका नर्सिंग होम बरेली के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष अरुण कुमार का कहना है कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिना जांच रिपोर्ट या अल्ट्रासाउंड के करा दी डिलीवरी
परिजनों का आरोप है कि बिना किसी जांच रिपोर्ट या अल्ट्रासाउंड के नर्सों ने डिलीवरी करा दी। इस दौरान संध्या ने बेटे को जन्म दिया जबकि उसका हीमोग्लोबिन आठ ग्राम से भी कम बताया गया था। प्रसव के बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई।