बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के फेज-2 के कार्यों को तय समय जनवरी तक पूरा करना नगर निगम के लिए चुनौती बन गया है। सावन माह में कांवड़ यात्रा और बारिश के चलते इन दिनों निर्माण कार्य बंद है। जिन मार्गों पर काम होना है, वहां से अतिक्रमण हटना भी चुनौती बना हुआ है।
प्रोजेक्ट के तहत शहर के कोहाड़ापीर और नैनीताल रोड को अत्याधुनिक रूप से विकसित किया जाना है। करीब 47.74 करोड़ रुपये की लागत वाले इस 2.4 किलोमीटर लंबे प्रोजेक्ट में चौड़े फुटपाथ का निर्माण और बिजली की लाइनों को पूरी तरह भूमिगत किया जाना शामिल है। लखनऊ में हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस योजना के कार्यों में तेजी लाने और जनवरी तक हर हाल में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, मगर यह पूरा होता नहीं दिख रहा।
शासन के आदेश के बाद फरवरी में प्रशासन ने क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित कर बुलडोजर की कार्रवाई की थी, जिसके बाद नैनीताल रोड के कुछ स्थानीय लोग विरोध में कोर्ट चले गए। कानूनी पेचीदगियों के अलावा, सावन माह के दौरान सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू होने पर भी काम रोकना पड़ा था। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सावन माह बीतने के बाद काम में तेजी लाई जाएगी।
परेशान हो रहे लोग
कोहाड़ापीर और नैनीताल रोड शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में गिने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मार्गों पर एक साथ बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और खोदाई करना आम जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। दिनभर लगने वाले भीषण जाम से राहगीरों और दुकानदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।