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निजी स्कूलाें के खिलाफ शिकायतें ही शिकायतें 

Tue, 11 Apr 2017 01:08 AM IST
बरेली।  
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क‌िताबें - फोटो : अमर उजाला
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निजी स्कूलाें की मनमानी पर लोग अब थोड़ा जागरूक हुए हैं। सोमवार को दो शिकायतें एडीएम सिटी के पास पहुंची हैं। उन्होंने तुरंत इसे संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा है। 
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वीरसावरकर नगर स्थित एलैनकिड स्कूल के अभिभावकों ने एडीएम सिटी को शिकायत की है कि अभिभावकों से एक ही दुकान से ड्रेस, पुरस्तकें खरीदने के लिए दबाव डाला जा रहा है। ड्रेस की कीमत 5000 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए और एडमिशन फीस 3600 रुपए हैं। इस तरह स्कूल एक बच्चे से 18 हजार रुपए से अधिक की वसूली कर रहा है। मामले की शिकायत पर बेसिक शिक्षा अधिकारी को जांच सौंपी गई है और एक सप्ताह के अंदर अवगत कराने के लिए कहा है। इसी तरह सेंट फ्रांसिस स्कूल में 11वीं की एक छात्रा ने एडीएम सिटी से मिलकर शिकायत की कि वह अपने परीक्षा की कॉपी देखना चाहती है लेकिन उसके प्रधानाचार्य उसे कापी नहीं दिखा रहे हैं। छात्रा का कहना है कि उसे कक्षा 11 में रोक लिया गया है जबकि उसे पूरा विश्वास है कि उसका पेपर अच्छा हुआ है और वह पास हो गई है, लेकिन प्रधानाचार्य कॉपी नहीं दिखाना चाह रहे हैं। एडीएम सिटी ने डीआईओएस को मामला जांच के लिए सौंपा है। 

शांति बुक हाउस की दबंगई, नहीं वापस की किताब
सेंट फ्रांसिस स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं के छात्र ने डीडी पुरम स्थित शांति बुक हाउस से किताबें खरीदी। छात्र की एक बायोलॉजी की किताब बुक लिस्ट के हिसाब से नहीं थी। जब वह स्कूल लेकर गया तो शिक्षक ने बायोलॉजी की दूसरी बुक लाने को कहा। शांति बुक हाउस पहुंचे छात्र के पिता ने किताब वापस करने के लिए कहा तो विक्रे ता ने ऐसा करने से मना कर दिया। जबकि पिछले दिनाें हुई बैठक में साफ कहा गया था कि किताबें बिकने के बाद भी वापस कर ली जाएं। 
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अभिभावक अब जागे, बढ़ी फीस वापस करने की मांग 
जब स्कूल खुल गए और किताबें खरीद ली गई तब अभिभावक संघ के लोग जाग रहे हैं। सोमवार को अयूब खां पर प्रदर्शन करके अभिभावकों ने निजी स्कूलों के लूट के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि बढ़ी फीस वापस ली जाए और पुस्तक विक्रेताओं पर शिकंजा कसें। साथ ही स्कूल मालिकों के खिलाफ आयकर जांच की मांग की गई। अध्यक्ष अंकुर सक्सेना ने कहा कि प्रशासन द्वारा अप्रैल में बैठक करना ये दर्शाता है कि खानापूरी कर लो करना कुछ नहीं पड़ेगा क्योंकि सभी स्कूलों में फ ीस तब तक जमा ही चुकी होंगी और किताबें खरीदी जा चुकी होंगी। गौरव सक्सेना ने कहा कि अगर कार्यवाही नहीं हुई तो ये लड़ाई जारी रहेगी। प्रदेश सचिव जीतेंद्र, संजीव सक्सेना, अभिषेक चेतन प्रकाश, अनीता गुप्ता, संजय, राजकुमार, अमित व अन्य कई मौजूद रहेे। 
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