बरेली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत परिवाद दाखिल किया गया है। कोर्ट 15 फरवरी को तय करेगा कि मामला सुनने योग्य है या नहीं।
राहुल गांधी ने पिछले महीने कांग्रेस मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान कहा था कि हमारी लड़ाई सिर्फ आरएसएस और भाजपा से नहीं, बल्कि इंडियन स्टेट यानी भारत से है। हमारी लड़ाई विचारों की लड़ाई है। आज सभी एजेंसियों को सिर्फ यह काम दिया गया है कि कैसे विपक्षी नेताओं को जेल में डाला जाए?
उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाया था। परिवाद दाखिल करने वाले अधिवक्ता वीरेंद्र गुप्ता का कहना है कि राहुल गांधी का बयान संविधान और देश को अपमानित करने वाला है। उनके बयान से देश की एकता और अखंडता को ठेस पहुंची है। संवाद