24 घंटे बीते पर मांग नहीं हुई पूरी, अनिश्चितकालीन धरना की चेतावनी
बरेली। लेखपाल मनीष कश्यप का सिर मिलने से आक्रोशित जिलेभर के लेखपाल मंगलवार को कार्य बहिष्कार पर रहे। मांगों के समर्थन में तहसील परिसर में धरना दिया। दूसरी ओर आय, जाति, निवास आदि प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे फरियादी मायूस होकर लौट गए।
सोमवार को उप्र लेखपाल संघ ने लेखपाल मनीष की हत्या के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, आश्रित परिजन को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक परिजन को सेवायोजित करने, थाना में शिकायत के बावजूद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई न होने और तहसील प्रशासन द्वारा गुमशुदा राजस्व कर्मी की तलाश के लिए कोई प्रयास न करने, भूमि संबंधी कब्जा के मामलों में लेखपाल द्वारा थाना में रिपोर्ट दर्ज न कराए जाने समेत अन्य मांग की गई थी। मंंगलवार को सांकेतिक कार्य बहिष्कार के निर्णय पर सदर, मीरगंज, फरीदपुर, नवाबगंज, बहेड़ी में लेखपालों ने कार्य नहीं किया।
तहसीलों में खसरा, खतौनी की नकल, आय, जाति, निवास आदि प्रमाण पत्र के लिए पहुंचे फरियादी मायूस होकर लौटते रहे। जिलाध्यक्ष योगेंद्र कुमार ने बताया कि 24 घंटे में मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लिहाजा, अब अनिश्चितकालीन धरना तहसील परिसर में दिया जाएगा।
मांगों के समर्थन में लेखपालों ने दिया ज्ञापन
मीरगंज में लेखपाल संघ के बैनर तले तहसील अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह, नवाबगंज में अध्यक्ष राजेश कुमार, बहेड़ी में तहसील अध्यक्ष हिमांशु गौड़ के नेतृत्व में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। गांव दुनकी के सोमपाल, सेवाराम, अक्सौरा के प्रेमपाल, भूपेंद्र ने बताया कि वह मीरगंज तहसील में खसरा की नकल लेने गए थे पर हड़ताल की वजह से नकल नहीं मिली। अमर उजाला ब्यूरो
लेखपाल की हत्या के संबंध में पुलिस छानबीन कर रही है। सरकारी भूमि पर कब्जा संबंधी आरोपों पर लेखपालों को भी समिति बनाकर जांच के लिए कहा है। आश्रित की नियमानुसार हर संभव मदद की जाएगी। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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