बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए भू अधिग्रहण के बदले मिले मुआवजे ने भू स्वामियों की जिंदगी बदली है। बरेली से पीलीभीत तक के भू स्वामियों को 288 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना था। इसमें से 240 करोड़ रुपये भूमि राशि पोर्टल के माध्यम से भू स्वामियों के खाते में भेजे जा चुके हैं। इससे हाईवे के चौड़ीकरण को रफ्तार मिली है। साथ ही, किसानों के सपने भी साकार हुए हैं। किसी ने धूमधाम से बेटी का ब्याह किया तो किसी ने साहूकार के कर्ज से मुक्ति पाई।
अब सिर्फ खेती पर निर्भर नहीं, रोजी-रोटी के लिए ढाबा खोला
उधरनपुर निवासी रहमत शाह ने बताया कि उनके ऊपर दस रुपये सैकड़ा ब्याज वाला साहूकार कर्ज था। 11 लाख रुपये का मुआवजा मिलते ही सबसे पहले उसे उतारा। बेटी का ब्याह अटका था। मुआवजे ने राह आसान कर दी। धूमधाम से बेटी को विदा किया। अब सड़क के किनारे ढाबा खोल लिया है। पहले केवल खेती पर निर्भर थे।
किसान क्रेडिट कार्ड के 12 लाख चुकाए, अब जमीन खरीदने की तैयारी
नवादा निवासी रमेशचंद्र ने बताया कि उनकी लगभग चार बीघा भूमि हाईवे में गई। बदले में 30 लाख रुपये मुआवजा मिला। सबसे पहले किसान क्रेडिट कार्ड के 12 लाख रुपये चुकता किए। अपने आशियाने को ठीक कराया। घर चमक गया। कुछ रकम भविष्य के लिए बचाकर रखी है। जैसे ही कहीं जमीन मिलेगी, खरीद लेंगे।
आशियाना ठीक कराया... भविष्य के लिए बैंक में जमा किए रुपये
नवादी निवासी लालता प्रसाद ने बताया कि आधा बीघा भूमि के बदले 1.80 लाख रुपये मुआवजा मिला था। इससे मकान की मरम्मत कराई। भविष्य के लिए कुछ रुपये बैंक में जमा कर दिया है। अधिग्रहण से भूमि कम हुई है। प्रयास है कि कुछ और जमीन खरीदी जाए।
बच्चों की पढ़ाई के लिए जमा की रकम, जमीन भी खरीदी
नवादा निवासी परमेश्वरी दयाल ने बताया कि उनकी तीन बीघा जमीन हाईवे में गई है। बदले में 20 लाख रुपये मिले हैं। कुछ जमीन खरीद ली है और कुछ धनराशि बैंक में फिक्स डिपॉजिट (एफडी) करा दी है। यही सोच रहे हैं कि जब बच्चे उच्च शिक्षा के लिए जाएंगे तो यह रकम काम आएगी।