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यूपी: तेल की तलाश के लिए पुवायां में खुदाई करेगी कंपनी

Tue, 31 Dec 2019 03:41 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
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तेल (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media (File Photo)
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प्राकृतिक तेल एवं गैस कारोबार के क्षेत्र में सक्रिय गुजरात की एक कंपनी पुवायां में प्राकृतिक तेल के भंडार की खोज करेगी। कंपनी के इंजीनियरों की टीम पुवायां तहसील के चार गावों में खुदाई कराएगी। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों और कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हो चुकी है। शनिवार को कंपनी प्रतिनिधियों ने नाहिल गांव जाकर ग्रामीणों को परियोजना के बारे में बताया और अपेक्षित सहयोग की अपील की। परियोजना परवान चढ़ी तो कंपनी चारों गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य समेत विकास कार्य कराएगी।

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तीन दशक पहले भी पुवायां में हुई थी खोज

करीब तीन दशक पहले साल 1988-89 में सरकारी क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कमीशन (अब कारपोरेशन) के अधिकारियों ने पुवायां में खुटार रोड पर सेंटर चौराहे के पास एक बाग में करीब 15 दिन तक कैंप करके इमलिया, इटौली, बितौनी, करनापुर आदि गांवों के आसपास ड्रिलिंग कराई थी। जिन स्थानों पर ड्रिलिंग की गई, वहां के बोरवेल से निकले पानी में तेल के अंश की जांच के लिए नमूने भी लिए गए, लेकिन बाद में ओएनजीसी ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिए और अपने टेंट, मशीनें यहां से उखाड़ ले गए। एडीएम फाइनेंस अमर पाल सिंह ने बताया कि ओएनजीसी के पुराने सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी ने पुवायां में खुदाई कराने के स्थान चिह्नित किए हैं। उन्होंने बताया कि इसी कंपनी ने लखीमपुर खीरी में तेल की खोज के उद्देश्य से खोदाई के लिए दस ठिकाने चिह्नित किए हैं।

ग्रामीणों का भरोसा जीतने का प्रयास कर रहे कंपनी के कर्मचारी

जहां ड्रिलिंग कराई जानी है, कंपनी के अधिकारी उस क्षेत्र के लोगों का भरोसा जीतने का प्रयास कर रहे हैं। परियोजना अधिकारियों ने इसी उद्देश्य से बीते शनिवार को एडीएम फाइनेंस के साथ नाहिल गांव में कैंप लगाया और ग्रामीणों को यह समझाने का प्रयास किया कि प्राकृतिक तेल संपदा मिलने पर कंपनी संबंधित गांवों का सर्वांगीण विकास करेगी। इसके अंतर्गत क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों एवं स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार कराया जाएगा। साथ ही पेयजल, शौचालय, सड़क आदि के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ड्रिलिंग के लिए अधिग्रहीत होने वाली जमीन का संबंधित किसानों को मुआवजा मिलेगा अथवा उन्हें अन्य स्थानों पर कृषि भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन इस पर अंतिम निर्णय सरकार से होने वाले करार पर निर्भर करेगा।
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एडीएम फाइनेंस के अमर पाल सिंह ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों ने करीब आठ माह बाद खुदाई कराने का निर्णय किया है। जिन गांवों में ड्रिलिंग होनी है, वहां कंपनी के अधिकारी सामुदायिक सेवा स्रोत (सीएसआर फंड) की दो प्रतिशत धनराशि से जनता की जरूरत के अनुसार विकास कार्य कराएंगे। इस दौरान खेत की फसल खराब होने पर किसानों को मुआवजा भी दिया जाएगा और इस मुद्दे पर कंपनी के परियोजना अधिकारियों ने बातचीत में अपनी सहमति दे दी है।  

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