बरेली। राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता को कमिश्नरी और कलक्ट्रेट के पौने दो घंट तक निरीक्षण के दौरान सब कुछ ओके मिला। निरीक्षण के दौरान राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने रिकार्ड रूम में रखे पुराने और जर्जर अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कंप्यूटरीकरण में जो भी धनराशि खर्च हो, उसका ब्योरा भेज दें। इसके लिए तत्काल धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी। कलक्ट्रेट में 1865-66 से जिल्द बंदोबस्त काफी जर्जर थीं। इसको देखकर अध्यक्ष ने कहा कि बरेली सहित प्रदेश के सभी जिलों में जर्जर अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन कराएं। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण पर जोर दिया और कहा कि इनका समय और गुणवत्ता के साथ निस्तारण हो। जो शिकायतें निस्तारित हो जाएंगी उनको लंबित न रखा जाए। इसी का परीक्षण करने के लिए उन्होंने कलक्ट्रेट शिकायत प्रकोष्ट की जनकारी में पांच लगाए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ कमिश्नर प्रमांशु कुमार, डीएम गौरव दयाल, पीलीभीत के डीएम मासूम अली सरबर, शाहजहांपुर की डीएम शुभ्रा सक्सेना, बदायूं के डीएम शंभूनाथ मौजूद थे।
रुहेलखंड में राजस्व परिषद की खंडपीठ विचाराधीन
बरेली। राजस्व
परिषद न्यायालय की रुहेलखंड में खंडपीठ स्थापित कराने के लिए बोर्ड सहमत
है। इस बारे में शासन स्तर से ही फैसला होगा। परिषद के अध्यक्ष ने यह
जानकारी कमिश्नरी राजस्व बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को दी।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि रुहेलखंड के लोगों को राजस्व वादों की सुनवाई के
लिए लखनऊ और इलाहाबाद जाना पड़ता है। ऐसे में बरेली में खंडपीठ स्थापित हो
जाए तो फरियादियों को राहत मिलेगी।
अध्यक्ष एके गुप्ता ने कहा कि बरेली
में रुहेलखंड के नाम से खंड पीठ की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बोर्ड इस प्रस्ताव को शासन को भेजगा। इस बारे में अंतिम फैसला शासन और
मंत्रिपरिषद को ही लेना है। प्रतिनिधि मंडल में जिला पंचायत के पूर्व
अध्यक्ष ऐवरन कुमार गंगवार, नीलम शर्मा तथा अन्य एडवोकेट उपस्थित थे।