बरेली। व्यावसायिक सिलिंडरों की कीमत में सोमवार को तीसरी बार बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट और उद्योगों पर दोहरी मार पड़ेगी। भोजन की थाली, फास्ट फूड और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के महंगे होने की आशंका है।
व्यावसायिक सिलिंडरों की कीमत में बढ़ोतरी की वजह से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के सामने उत्पादों के दाम बढ़ाने की मजबूरी खड़ी हो गई है। छोटे व्यापारियों के लिए अब बाजार में टिके रहना और अपना मुनाफा बचा पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। हालांकि, ग्राहकों को खोने के डर से कई ढाबा संचालक कीमतों से समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह ज्यादा दिनों तक संभव नहीं दिख रहा है। इस महंगाई का सबसे बुरा असर खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों पर पड़ेगा। नमकीन, बिस्कुट, पैकेज्ड फूड, बेकरी और डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाइयों में बड़े पैमाने पर एलपीजी का इस्तेमाल होता है। पहले से ही कच्चे माल की मार झेल रहे इन उद्योगों के लिए गैस महंगी होना दोहरी मार जैसा है।
उद्यमी बोले- मुश्किल हुआ कारोबार
व्यावसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता की अड़चन जैसे-तैसे दूर हुई तो अब लगातार कीमतें बढ़ रही हैं। उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबार में काफी मुश्किलें आ रही हैं। - केके चंदानी, उद्यमी
एलपीजी की महंगाई के कारण कई संचालक पीएनजी की तरफ शिफ्ट हुए हैं, लेकिन अब भी 15 फीसदी से ज्यादा लोग सिलेंडरों के भरोसे हैं। डॉ. अनुराग सक्सेना, अध्यक्ष, होटल वेलफेयर एसोसिएशन
सरकार लगातार व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ा रही है। कैटरिंग व्यवसाय गैस पर निर्भर है, इसलिए अब आगे की बुकिंग के लिए हमें ग्राहकों से ज्यादा दाम वसूलने पड़ेंगे। - रजनीश गंगवार, कैटरिंग कारोबारी