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एक किलोमीटर चलिए.. पांच बार जान बचाइए

Mon, 25 Sep 2017 01:20 AM IST
बरेली।
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सड़क में गड्ढे
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योगी सरकार का सड़काें को गड्ढा मुक्त करने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। शनिवार को अमर उजाला टीम ने शहर में 10 किलोमीटर की यात्रा करके सड़कों का हाल जानने की कोशिश की, जो स्थिति मिली वह हैरान करने वाली थी। सड़कों की हालत साफ-साफ अलर्ट कर रही थी कि यहां हर पल संभलकर गाड़ी चलाएं। दस किलोमीटर सड़क पर कुल 52 मिलाकर गड्ढे ऐसे मिले, जिन्हें खतरनाक श्रेणी में रखा जा सकता है। जरा भी असावधान होने पर ये गड्ढे गंभीर हादसा करा सकते हैं। छोटे गड्ढों की तो कोई गिनती ही नहीं है। कई उखड़ी सड़काें का हाल तो इतना बुरा है कि सवारियों से भरे टेंपो और ऑटो एक तरफ इतना ज्यादा झुक जाते हैं कि लगता है कहीं वे पलट ही न जाएं। पिछले दिनों में हुई बरसात के बाद तो इन सड़कों का और बुरा हाल हो गया है। शहामतगंज के निर्माणाधीन फ्लाईओवर के नीचे से पैदल गुजरने वाले लोग बिना कीचड़ में लिपटे इधर से नहीं निकल पाते।
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शहामतगंज से डेलापीर- 20 बड़े गड्ढे 
शहामतगंज से हमारी यात्रा शुरू होते ही सब्जी मंडी के पास सड़क के दोनों तरफ बड़े-बड़े गड्ढे मिले। इन गड्ढों में बरसात का पानी भरा हुआ था, बताया गया कि गड्ढे दिखाई न देने से कुछ ही देर पहले कुछ लोग चोटिल होते-होते बचे हैं। सड़क पर ट्रैफिक ज्यादा था, लिहाजा कभी अनजाने और अचानक ही किसी की गाड़ी का पहिया इन गड्ढों में पड़ जा रहा था तो कभी जगह न मिलने की वजह से लोगाें को मजबूरन गड्ढे से होकर निकलना पड़ रहा था। शहामतगंज फ्लाईओवर के नीचे और बुरा हाल था। गड्ढों के बीच फैले जबरदस्त कीचड़ में वाहन फिसल रहे थे। टेंपो, ऑटो और ई- रिक्शा इन गड्ढों से गुजरते हुए डांस करते हुए लग रहे थे। आगे बारादरी थाने के पास तो रास्ता निकलने लायक ही नहीं था। काफी समय से सड़क यहां बुरे हाल में पड़ी हुई है। बारादरी से आगे स्टेडियम रोड पर रेजिडेंसी कॉलोनी के पास न सिर्फ गड्ढे हैं बल्कि कंकरीट भी बिखरी हुई है। यहां कोई फिसल जाए तो खैर नहीं। स्टेडियम रोड से आगे निकलने पर दो छोटे गड्ढे यात्रा खराब कर देते हैं। डेलापीर गेट के पास और केशलता अस्पताल के सामने गड्ढों की वजह से पूरी सड़क पानी से डूबी हुई है। जब राजेंद्रनगर झूलेलाल गेट के सामने आते हैं तो भी यहां कीचड़ और जलभराव की वजह से निकलना मुश्किल है।

आईवीआरआई रोड से बीबीएल फ्लाईओवर- 11 बड़े गड्ढे 
डेलापीर से आईवीआरआई की तरफ आते हैं तो इज्जतनगर थाने के आसपास ही पांच से छह बड़े गड्ढे मिलते हैं। थोड़ा आगे उखड़ी हुई सड़क हादसे को दावत दे रही है। आईवीआरआई गेट से आगे फ्लाईओवर के नीचे काफी बुरा हाल है। पूरी सड़क कीचड़ से लबालब है। एक तरफ खुदाई करके बड़ा गड्ढा खोद दिया गया है। अगर रात में अंधेरा हो और गलती से गाड़ी फिसल जाए तो गड्ढे में गिरना तय है। लोगों को यहां जलभराव के बीच से ही अपने वाहनाें को निकालना पड़ता है। कुदेशिया फाटक के पास भी कई गड्ढे हैं। फाटक बंद होने के बाद जब खुलता है तो लोग गड्ढाें से बचकर निकलते हैं। लिहाजा जाम लग जाता है। र्साइं मंदिर के पास सड़क की हालत बहुत ज्यादा खराब है। फाटक से फ्लाईओवर तक भी आपको आठ गड्ढे मिलेंगे। 
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बीबीएल से किला फ्लाईओवर- 9 बड़े गड्ढे 
यहां पेठा बेचने वालाें के आसपास सड़क उखड़ी हुई है। किला चौकी के पास पहुंचे तो पता चला कि गड्ढों की वजह से दोपहिया वाहन अक्सर गिर जाते हैं। जबसे बारिश हुई है तबसे स्थिति और बिगड़ गई है। यहां बड़े-बड़े चार गड्ढे हैं। किला फ्लाईओवर के ऊपर तो जान ही जोखिम में रहती है। यहां फुटपाथ तक गड्ढे में हो गए हैं। तेजी से आने वाली बसों और दूसरी गाड़ियों को पुल के सेंटर प्वाइंट पर पहुंचकर अपनी स्पीड कम करनी पड़ती है क्याेंकि यहां अचानक गड्ढा दिखाई पड़ता है। रात में तो दोपहिया वाहन वाले लोग इसमें गिरकर चोटिल तक हो जाते हैं। 

दूल्हा मियां मजार से चौपुला तक- 10 बड़े गड्ढे
दूल्हा मियां मजार से सिटी स्टेशन तक आपको छोटे-बड़े कुल 12 गड्ढे मिलेंगे। यहां 10 मीटर भी ऐसी सड़क नहीं मिलेगी जहां आपकी गाड़ी हिचकोले खाना बंद कर दे। इससे आगे मढ़ीनाथ क्रासिंग और चौपुला तक पहुंचते-पहुंचते आपको 8 छोटे गड्ढे और मिल जाएंगे। इस वाहन पर रोड का दबाव सबसे अधिक होता है बावजूद इन रोडाें को ठीक करने में अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिख रही है। भले ही कोई यात्री गिरे या घायल हो। 

लोग बोले
फाटक के आसपास बारिश में आकर देखिए क्या स्थिति होती है। सड़कें पानी से ऐसी डूबी होती हैं कि गड्ढे भी नहीं दिखते।- प्रभात यादव, कुदेशिया फाटक
कुदेशिया फाटक के पास तो पता नहीं कब से सड़क ही नहीं बनाई गई है। आए दिन लोग यहां गिरकर चोटिल होते हैं।- अतुल सक्सेना, शास्त्रीनगर 
कहने को राजेंद्रनगर पॉश इलाका है लेकिन बारिश के बाद से स्थिति देहात से बदतर हो जाती है। कई बार तो मैं गड्ढे से बचा।- अश्वनी, राजेंद्रनगर  
बारादरी थाने के  पास गड्ढों और कीचड़ से आए दिन हादसे होते हैं। हादसा न हो तब भी गाड़ियां कीचड़ में पुत जाती हैं।-  रेहान अली, पूर्व पार्षद 

नगर आयुक्त बोले, ये पूरे प्रदेश का हाल.. अक्तूबर के अंत तक कम होंगे गड्ढे
शहर की सड़कों पर जगह-जगह दिख रहे गड्ढों पर नगर आयुक्त आरके श्रीवास्तव का कहना है कि यह बरेली का नहीं बल्कि पूरे प्रदेश का हाल है। ठेकेदारों ने काम ठप कर रखा है जिसकी जानकारी शासन को दी जा चुकी है। शहर में इसके चलते 50 करोड़ से अधिक के काम रुके पड़े हैं। जिनमें अधिकतर सड़क और नालियों के हैं। फिर भी कोशिश की जा रही है कि अक्तूबर के अंत तक गड्ढाें को भर दिया जाए। नगर आयुक्त ने बताया कि अभी बारिश की वजह से भी दबाव नहीं बनाया जा रहा है, मौसम साफ होते ही काम शुरू होगा। फ्लाईओवर के नीचे सड़क का काम सेतु निगम कराएगा।  
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