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छात्राओं को थप्पड़ मारने पर कॉलेज में हंगामा

Sat, 09 Jan 2016 01:09 AM IST
बरेली
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बरेली। शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज में प्रबंधक विनोद शर्मा ने दीमक लगी बेंच टूटने पर तीन छात्राओं को थप्पड़ मारे तो वे बेहोश हो गईं। घर तक बेटियों की पिटाई का मामला पहुंचा तो भड़के अभिभावक स्कूल पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। कालेज बंद करा दिया गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा देकर अभिभावकों को शांत किया। प्रबंधक विनोद शर्मा के खिलाफ छात्राओं के साथ मारपीट करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। हालांकि प्रबंधक ने पिटाई से इंकार किया है।
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 लाल फाटक स्थित शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज में दसवीं कक्षा की छात्रा बबली कश्यप और उसकी दोस्त भारती एक बेंच पर बैठीं तो वो टूट गई। बेंच की लकड़ी दीमक लगने के कारण सड़ गई थी। यह देख कॉलेज के प्रबंधक विनोद शर्मा ने छात्राओं की पिटाई कर दी, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। इसके बाद क्लास की दूसरी छात्राएं भी घबराकर रोने लगीं। इसकी खबर जब 12वीं में पढ़ रहीं बबली की बहन रोशनी को मिली तो उसने घर पर जाकर सबको बताया। बबली के परिवार वाले स्कूल में पहुंच गए। अभिभावक पहले बबली और भारती को स्कूल के पास के ही निजी अस्पताल में ले गए। निजी अस्पताल के डॉक्टर्स ने उन्हें जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। इसके बाद अभिभावक दोनों छात्राओं को जिला अस्पताल ले गए। वहां पर इलाज के बाद छात्राओं को घर भेज दिया गया।
इधर, दूसरे अभिभावकों ने कॉलेज में आकर जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रिंसिपल राधिका चंद्रा से अभद्रता कर नाराजगी जताई। माहौल बिगड़ने पर प्रिंसिपल ने दो घंटे पहले ही कॉलेज बंद करा दिया। जो आसपास की छात्राएं थीं, वो तो घर चली गईं, लेकिन बस और वैन से आने वाली छात्राओं को इंतजार करना पड़ा। कॉलेज में माहौल बिगड़ने पर कैंट थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबको कॉलेज सेे बाहर निकाला और गेट बंद करा दिया। उन्होंने कुछ छात्राओं के घर फोन कराकर उन्हें घर भेजा।
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बबली को पहले ही दौरे पड़ते हैं। जब उसे डांटा तो दौरा पड़ा और वह बेहोश हो गई। इसकी सूचना घर पर पहुंची तो कुुछ बाहरी लोग शराब पीकर जबदस्ती कॉलेज में घुस आए। उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों का हाथ पकड़कर उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया और स्कूल बंद करने को कहा। यह माहौल देखकर बाकी की छात्राएं डर गईं। इससे भारती भी बेहोश हो गई और दूसरी छात्राएं रोने लगीं। कॉलेज के स्टाफ और मेरे परिवार के लोगों को भी चोट आई हैं। अगर बबली के परिवार वालों को शिकायत थी तो वो अपनी बात कहते। उन लोगों ने कॉलेज में हंगामा किया, जिनके बच्चे कॉलेज में पढ़ते ही नहीं हैं।
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- विनोद शर्मा, प्रबंधक, शांतिकुंज गर्ल्स इंटर कॉलेज
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