बरेली। स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश के नाम पर कई महाविद्यालयों में धोखाधड़ी का शिकार छात्रों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। दाखिले सिर्फ 15 सितंबर तक ही होने हैं और पीड़ित छात्रों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में उनके दाखिले को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि रजिस्ट्रेशन के लिए 22 तारीख से वेबसाइट फिर खोली जाएगी। इन छात्रों का समायोजन भी इसी में कराने की कोशिश की जाएगी।
वर्तमान शैक्षिक सत्र में भी कई निजी महाविद्यालयों ने तमाम छात्रों से धोखाधड़ी करके प्रवेश दिलाने के नाम पर उनके नाम की सीटों को लॉक कर दिया है। ऐसे छात्र जब दूसरे मनचाहे कॉलेज में दाखिले के लिए जा रहे हैं तो वेबसाइट पर सीट लॉक होने की वजह से उन्हें प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति के पास ऐसे करीब दो से लेकर ढाई सौ तक मामले सामने आने की सूचना है। हालांकि विश्वविद्यालय इन मामलों का संज्ञान लेने के बाद छात्रों की सीटें अनलॉक कराकर उन्हें प्रवेश दिलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पीड़ित छात्रों के सामने दिक्कत यह है कि प्रवेश की अंतिम तिथि 15 सितंबर ही है। प्रवेश लेने में पहले से विलंब हो चुके इन छात्रों को इस समय सीमा के बाद कैसे एडमिशन मिल सकेंगे, यह सोचकर उनकी चिंता बढ़ रही है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि 22 सितंबर से छूटी सीटों के लिए फिर से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होंगे।
‘इस मामले का विश्वविद्यालय ने संज्ञान लिया हैै। 22 सितंबर को प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फिर से शुरू होंगे। प्रवेश न ले पाने वाले छात्रों का इसमें समायोजन कराने की कोशिश की जाएगी।’
- प्रो.सुनीता पांडेय, कुलसचिव, रुहेलखंड विश्वविद्यालय