स्नातक की प्रयोगात्मक परीक्षा में नंबरों का ‘खेल’ करने के लिए कॉलेज किस हद तक जा सकते हैं, इसका उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। रामपुर के महारानी लक्ष्मीबाई डिग्री कॉलेज में अनुपस्थित छात्रों को प्रैक्टिकल के नंबर देने के लिए बाह्य परीक्षक पर दबाव बनाया गया। मना करने पर हड़काया तो नोकझोंक हो गई। परीक्षक ने प्रैक्टिकल लेने से ही मना कर दिया। मामला परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचा तो उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने इस बार से प्रैक्टिकल के अंक भेजने की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। परीक्षक ऑनलाइन ही अंक भेजते हैं। रामपुर के महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज में विश्वविद्यालय की और से स्नातक फाइनल के छात्रों का प्रैक्टिकल लेनेे के लिए परीक्षक को भेजा गया। उन्होंने कॉलेज में उपस्थित छात्रों का प्रैक्टिकल लिया, लेेकिन कॉलेज के प्रबंधक ने परीक्षक पर प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रोें के बिना प्रैक्टिकल लिए नंबर चढ़ाने का दबाव बनाया। प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र कॉलेज में भी मौजूद नहीं थे। परीक्षक ने मना किया तो उन्हें धमकाया गया। इससे दोनों में नोकझोंक हो गई। बाह्य परीक्षक का कहना था कि कॉलेज प्रबंधन ने उनके साथ बहुत बदतमीजी की। परीक्षा नियंत्रक के कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर वह शांत हुए।
जिस प्रैक्टिकल के लिए बाह्य परीक्षक नियुक्त किया गया वह केवल उसके ही अंक चढ़ा सकते हैं। बिना छात्रों के प्रैक्टिकल तो हो ही नहीं सकता। कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दे दी गई है। अगर फिर ऐसा किया तो कॉलेज प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी। -महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक