बरेली। बीते दिनाें 45 डिग्री पारा पहुंचने के दौरान राहत के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करने वाले ज्यादातर लोग अब फेरेंजाइटिस की चपेट में हैं। सोमवार को फिजिशियन की ओपीडी में ज्यादातर मरीज इस बीमारी से पीड़ित आए।
सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 11 सौ मरीजों के पर्चे बने। इसमें से 488 मरीज चेस्ट फिजिशियन, फिजिशियन, ईएनटी को दिखाने पहुंचे थे। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एलके सक्सेना के मुताबिक भीषण गर्मी के दौरान सामान्य से ज्यादा ठंडा पानी या बर्फ को पिघलाकर पिए गए पानी से गले में दिक्कत होती है। जिसे फेरेंटाइटिस या ग्रसनी का सूजन भी कहा जाता है।
सभी आयुवर्ग के वह लोग जिन्हें जल्दी एलर्जी होती है, वह इसकी चपेट में जल्दी आते हैं। मरीजों को दवा के साथ गुनगुने पानी से गरारे करने को कहा जा रहा है। इसके अलावा उल्टी, दस्त, बुखार और त्वचा रोगियों की तादाद ओपीडी में ज्यादा रही। वहीं, दिव्यांग शिविर दोपहर एक बजे तक सूना पड़ गया। कर्मचारियों का कहना था कि गर्मी के चलते महज 24 दिव्यांग ही पहुंचे थे।