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Bareilly News: संकरी गलियों में कोचिंग सेंटर, आग बुझाने के इंतजाम नदारद

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बरेली। लखनऊ में हुए भीषण हादसे के बाद मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने रामपुर बाग स्थित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकांश कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा की स्थिति बेहद खराब मिली।
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संकरी गलियां, आने-जाने का इकलौता रास्ता और आग बुझाने के इंतजाम नदारद दिखे। बच्चों की जान से खिलवाड़ होता दिखा। अग्निशामक यंत्र एक्सपायर मिले। सुबह 10 बजे से करीब छह घंटे तक चली इस मैराथन जांच में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। अधिकारियों ने कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी किए। इस दौरान किसी भी सेंटर को सील नहीं किया गया।
जांच टीम ने महेंद्रा कोचिंग, डिवाइन क्लासेस, तक्षशिला कोचिंग, विनटैक लाइब्रेरी, गुरुकुल क्लासेस और अरिहंत क्लासेस सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कृष्णा डिजिटल लाइब्रेरी, बीलाइफ कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर और मिश्रा कंप्यूटर एंड एजुकेशन सेंटर भी जांचे गए। विशेष रूप से रिहायशी क्षेत्रों और संकरी गलियारों में चल रहे संस्थानों की जांच की गई। रामपुर बाग में निरीक्षण की जानकारी मिलते ही तक्षशिला कोचिंग में ताला डाल दिया गया। टीम ने अंदर जाकर जांच करनी चाही तो पता चला कि वहां किसी का घर भी है।
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किस संस्थान में क्या मिलीं कमियां:
1. विनटैक लाइब्रेरी : यहां की हालत सबसे खराब मिली। आपात स्थिति में निकास का कोई रास्ता नहीं था। ऊपर जाने के लिए बेहद पतली सीढ़ी थी और पहले फ्लोर के अंदर से ही दूसरे फ्लोर का रास्ता था। संचालक के पास न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी थी और न ही बीडीए से पास नक्शा। अधिकारियों ने बाद में नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

2. कृष्णा डिजिटल लाइब्रेरी : यहां 111 बच्चों के बैठने की व्यवस्था है और यह दिन में चार शिफ्टों में चलती है। जांच में यहां लगे चारों फायर अग्निशामक यंत्र एक्सपायर मिले। प्रवेश और निकास का रास्ता बेहद संकरा था और दूसरा कोई इमरजेंसी गेट नहीं था। संचालक से कागजात और फायर एनओसी मांगी गई है।

3. महिंद्रा कोचिंग : रामपुर बाग स्थित अग्रसेन पार्क के सामने एक निर्माणाधीन भवन की दूसरी मंजिल पर यह कोचिंग चल रही थी। प्रशासन की कार्रवाई से बचने के लिए संचालक ने नीचे गेट पर तीन दिन कोचिंग बंद का नोटिस चस्पा कर दिया था और बच्चों को वापस भेज दिया था। पूरे फ्लोर पर कोई फायर एक्सटिंग्विशर नहीं था। टीम ने इसे तत्काल बंद करने के निर्देश दिए।

4. मिश्रा कंप्यूटर एंड एजुकेशन सेंटर : यहां प्रवेश का संकरा रास्ता है। एक बार में केवल एक ही व्यक्ति निकल सकता है। अंदर 50 से अधिक बच्चों के बैठने की व्यवस्था थी, लेकिन पूरी कोचिंग में एक भी फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिला।

5. गुरुकुल क्लासेस : यहां जांच में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी मिली। फायर विभाग ने दो साल पहले भी इन्हें नोटिस दिया था, लेकिन कमियां दूर नहीं की गईं। यह कोचिंग निजी जमीन पर संचालित हो रही थी।

6. अरिहंत कोचिंग और बीलाइफ सेंटर : फर्स्ट फ्लोर पर संचालित इस संस्थान में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी है। आपदा की स्थिति में यहां से सुरक्षित निकलना लगभग असंभव है।

बीलाइफ कंप्यूटर : दो कमरों में 60 बच्चों की क्षमता वाले इस सेंटर में सुरक्षा के नाम पर केवल एक सिलेंडर था और रास्ता बेहद छोटा था।
वर्जन :

कोचिंग सेंटरों की जांच की गई है। इसमें जो भी कमियां मिली है उन्हें नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएंगी। - दीपक कुमार, संयुक्त सचिव बीडीए
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