यह था मामला
मीरगंज क्षेत्र के गांव तिलमास निवासी रिफाकत अली ने तत्कालीन एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से शिकायत की थी कि 12 जून को दोपहर के वक्त सीओ दीपशिखा उनके ईंट भट्ठे पर आई थीं। उन्होंने अवैध खनन का आरोप लगाकर दो लाख रुपये की मांग की थी।
रिफाकत ने अपना काम वैध बताकर रायल्टी जमा करने व जीएसटी देने का तर्क दिया था। रुपये नहीं देने पर सीओ ने उनकी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी थी। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंपी थी। एसपी दक्षिणी की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने बृहस्पतिवार रात सीओ दीपशिखा को मीरगंज से हटा दिया।
एसी मामले में अब तक दर्ज नहीं हुए सीओ लाइन के बयान
इधर, पुलिस लाइन के स्टोर इंचार्ज से एसी मंगवाने और उसका बिल एडजेस्ट करने के मामले में आरोपी बताए जा रहे सीओ लाइन प्रियतोष त्रिपाठी के बयान अभी तक एसपी दक्षिणी कार्यालय में दर्ज नहीं हो सके हैं। बताया जा रहा है कि त्रिपाठी एक्सीडेंट की वजह से अवकाश पर चले गए हैं। मनमानी कार्यशैली और रिश्वतखोर दरोगा को संरक्षण देने के मामले में शीशगढ़ इंस्पेक्टर की जांच बहेड़ी सीओ कर रहे हैं। इंस्पेक्टर ने वरिष्ठ अधिकारियों व मीडिया के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की थी। इसे लेकर उन पर भी कार्रवाई हो सकती है।