बरेली। निजी अस्पतालों में मरीजों को जबरन भर्ती कर महज एक दिन में ही भारी भरकम बिल बनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएमओ को ऐसे प्रकरणों की जांच और शिकायत की पुष्टि पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंडल के सभी सीएमओ से कहा कि वे नोटिस जारी कर निजी अस्पतालों में इलाज के संभावित खर्च की सूची चस्पा कराएं। चंद बेड वाले अस्पतालों की निगरानी करें, ताकि मरीजों का शोषण न हो सके।
विकास भवन सभागार में मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अवैध अस्पतालों, लैब, क्लीनिक आदि के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एंबुलेंस रिस्पांस टाइम की निगरानी, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों से व्यवहार बेहतर रखने, जनऔषधि केंद्रों की दवा लिखने, बुजुर्गों, गंभीर मरीजों को जरूरी सेवाएं मुहैया कराने के भी निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने जिले को डेंगू और मलेरिया मुक्त बनाने के लिए कार्ययोजना बनाने को कहा। गांवों में साफ सफाई, छिड़काव आदि को कराते रहने, संबंधित विभागों को अभियान चलाकर नाला, नाली की सफाई कराने के लिए कहा। कोरोना की रोकथाम के लिए जरूरी व्यवस्थाएं कराने के भी निर्देश दिए।
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने नाथ कॉरिडोर और रबर फैक्टरी संबंधित मुद्दे रखे। विधायक डॉ. डीसी वर्मा ने एम्स निर्माण की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने बरेली में बेहतर सुविधा वाले एक अस्पताल के संचालन की बात कही। सांसद संतोष गंगवार ने छह यूनिट वाले राशन कार्ड धारकों के ही आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की बाध्यता खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इसपर जल्द सभी राशन कार्ड धारकों के कार्ड बनने की बात कही। विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा ने रबर फैक्टरी के लंबित प्रकरण का फैसला आने तक फैक्टरी परिसर में अस्थायी गोआश्रय स्थल बनाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में मंडल में पराली प्रबंधन के कार्य को सराहा, लेकिन गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण कार्य में तेजी के निर्देश दिए। ग्लोबल इंवेस्टर समिट के लंबित प्रकरण निस्तारित कराने, जीएसटी कलेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन बढ़ाने, माइनिंग/वैट आदि की वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय बनवाने, प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक स्कूलों में सुदृढ़ीकरण कार्य कराने, जर्जर सड़कों को ठीक कराने व नगर निकायों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान ऐसे अपराधी जो गंभीर अपराध के बाद जमानत पर छूटे हों, उनकी सघन निगरानी के निर्देश दिए, ताकि आगे कोई अपराध न हो सके। कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा, लेकिन निर्देशित किया कि किसी निर्दोष को सजा न हो। वहीं, किसी घटना में पुलिस की संलिप्तता की पुष्टि पर कड़ी कार्रवाई के लिए कहा।