मरीजों को देखने के लिए अब शासन की ओर से लिखित आदेश न आने का बहाना नहीं चलेगा। प्रशासनिक पदों पर तैनात चिकित्सकों के लिए लिखित आदेश आ गया है। सीएमओ को एक हफ्ते के अंदर अधिकारियों के दिन तय करने होंगे। सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे हर डॉक्टर मरीजों को देखेगा।
डॉक्टरों की कमी से लड़खड़ा रही स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने के लिए पहले ही यह निर्देश दिए जा चुके थे, लेकिन जिले के कई प्रशासनिक पदाें पर तैनात डॉक्टर लिखित आदेश न आने की बात कहकर बच जाते थे। पिछले हफ्ते लिखित आदेश एडी हेल्थ के पास आ गए। इसमें प्रमुख सचिव अरुण कुमार सिन्हा ने कहा है कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी अपने प्रशासनिक दायित्वों के साथ सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे चिकित्सकीय कार्य करें। सीएमएस और एमएस भी ओपीडी में मरीजाें को देखें। सप्ताह के दिन तय करने की जिम्मेदारी सीएमओ को सौंपी गई है। सभी डॉक्टर अपने ओपीडी रजिस्टर का विवरण हर माह प्रस्तुत करेंगे।
कहां बैठेंगे डॉक्टर
ओपीडी में अभी कोई कक्ष खाली नहीं है, जबकि सभी चिकित्सा अधिकारियों को सप्ताह में तीन दिन दो-दो घंटे बैठना है। इसे लेकर भी अभी तक कोई रणनीति नहीं बनाई गई है।
यह हैं स्थिति
चिकित्सक विशेषज्ञता मौजूदा पद
डॉ. विजय यादव ईएनटी सीएमओ
डॉ. आलोक चंद्रा एमबीबीएस एसीएमओ
डॉ. सुदेश कुमारी स्त्री व प्रसूति डीएलओ
डॉ. आरएन गिरी एमबीबीएस एसीएमओ
डॉ. दीपा सिंह एमबीबीएस टीबी अधिकारी
डॉ. मनोज शुक्ला एनेस्थीसिया टीकाकरण अधिकारी
डॉ. एसएस चौहान पीडियाट्रिक जनसूचना अधिकारी
डॉ. रमेश चंद्रा एमबीबीएस चिकित्सा अधिकारी
डॉ. केएस गुप्ता हड्डी रोग विशेषज्ञ सीएमएस
डॉ. अलका शर्मा पीडियाट्रिक सीएमएस
एडी हेल्थ को डॉक्टराें की तिथि और नाम तय करने हैं। ओपीडी में जगह की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि जगह को लेकर दिक्कत है।
- डॉ. विजय यादव, सीएमओ