खिलाड़ियों को प्रदान करेगा सुविधाएं
इस ट्रैक की कुल लागत 9.55 करोड़ रुपये है। यह ट्रैक खिलाड़ियों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करेगा। इससे उनकी दौड़ने की क्षमता में सुधार होगा। आठ लेन वाले इस ट्रैक पर लंबी दौड़, स्प्रिंट, ऊंची कूद, लंबी कूद समेत आदि एथलेटिक्स स्पर्धाएं आयोजित की जा सकेंगी। स्टेडियम प्रशासन का कहना है कि इस ट्रैक के तैयार हो जाने से खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रशिक्षण मिलेगा और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी कराई जा सकेंगी।
ड्रेनेज सिस्टम तैयार, बारिश के पानी की निकासी में नहीं होगी दिक्कत
ट्रैक को टिकाऊ और हर मौसम के अनुकूल बनाने के लिए इसमें अत्याधुनिक ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है। यह प्रणाली बारिश के पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करेगी, जिससे किसी भी प्रकार की जलभराव की समस्या न हो।
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ट्रैक पर लाइनिंग और मार्किंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यह प्रक्रिया ट्रैक पर दौड़ने के लिए सही लेन, दूरी और दिशा निर्धारित करने में मदद करेगी। इसके माध्यम से प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष और व्यवस्थित रहती है।
आरएसओ जितेंद्र यादव ने बताया कि सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके पूरा होने से उन्हें अपने खेल कौशल को निखारने में मदद मिलेगी। ट्रैक के निर्माण से न केवल स्थानीय खिलाड़ियों को फायदा होगा, बल्कि भविष्य में यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो सकेगा।