बरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक सरकारी व्यवस्था का निर्माता है। उनको स्वस्थ और सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है। शिक्षकों को सुविधाओं के लिए मांग करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए। सरकार को स्वयं उनके हित में कदम उठाने चाहिए। मंगलवार को बरेली क्लब में आयोजित शिक्षक सम्मेलन और जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों के साथ वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी है। आने वाले समय में सीबीएसई शिक्षकों को भी दायरे में लाया जाएगा। माध्यमिक के शिक्षकों को 80 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का सुरक्षा बीमा कवर दिए जाने की बात भी कही।
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सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था उपेक्षा का शिकार थी। बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के 1.60 लाख से अधिक पद खाली थे। भाजपा ने शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी रखी। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार से स्कूल भवन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास आदि की सुविधा दी। डिजिटल लाइब्रेरी, अटल टिंकरिंग लैब से विद्यार्थियों को नई तकनीक से जोड़ रहे हैं। इससे ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच तकनीकी संसाधनों की दूरी कम होगी।
शिक्षकों से की मतदान की अपील
सीएम ने बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों के नाम का उल्लेख करते हुए कहा 'नाम है हरि सिंह ढिल्लो, जब चाहे मिल लो।' प्रत्याशी के समर्थन में लोगों से हाथ उठवाए। कहा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव जैसे विषयों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका होती है। शिक्षकों से 23 अक्तूबर को होने वाले मतदान में मतपत्र सही तरीके से भरने का आग्रह किया।
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एक जिला एक विश्वविद्यालय की दिशा में हो रहा काम
मुख्यमंत्री ने शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद में विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए मंडल के बाद अब जिला स्तर पर विश्वविद्यालयों की स्थापना का दावा किया। कहा, प्रदेश में परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए 'एक जिला, एक उत्पाद', 'एक जिला, एक व्यंजन' योजनाएं शुरू की हैं। अब 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' व 'एक जिला, एक विश्वविद्यालय' की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
नकलविहीन परीक्षा से बढ़ा लोगों का भरोसा
योगी ने कहा कि नकलविहीन परीक्षाओं से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। पहले परीक्षाओं और परिणामों में काफी समय लगता था, जबकि अब प्रक्रिया तेज हुई है। प्रदेश में साढ़े नौ वर्षों में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना बढ़ी है। उत्तर प्रदेश अब बीमारू नहीं, रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। राज्य शिक्षक पुरस्कार में शिक्षकों की संख्या और पुरस्कार राशि बढ़ाई है। शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि, रसोइयों को दो लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा और पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है।
जो शिक्षा का करेगा सम्मान, वहीं शिक्षकों के हित सुरक्षित
मुख्यमंत्री ने कहा, पिछली सरकारों ने चयन बोर्डों में परिवार, रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी। जो शिक्षा का सम्मान करेगा, वही शिक्षकों का सम्मान कर सकता है। गोरखपुर का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि पूर्व की सपा सरकार में एक शिक्षा मंत्री को पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां में अंतर नहीं पता था। उसके शिक्षा मंत्री रहने पर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।