वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना
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पिछले महीनों में बाघों की मौत के मामले में बोले कि दुधवा में पर्याप्त मात्रा में पानी और बाघों के लिए भोजन है। फिर भी यहां बाघों की मौत हो रही है। इसकी जांच की जाएगी। जांच में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी। पेड़ कटान की बात पर वनमंत्री बोले कि कि जहां पर पेड़ का कटान किया जा रहा है, वहां हमें लेकर चलें। ताकि हम भी देखें की अवैध रूप से पेड़ों का कटान कौन कर रहा है ?
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मुख्यमंत्री द्वारा मामले का संज्ञान में लेने पर वनाधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इससे वन विभाग में खलबली है। दुधवा में 10 दिनों के अंदर तीन बाघों की मौत चुकी है। कई इंसानों की भी जान गई है। किशनपुर सेंक्चुरी की मैलानी रेंज में शुक्रवार सुबह मिले बाघ के शव को लेकर अधिकारियों का दावा है कि आपसी संघर्ष में उसकी मौत हुई है। हालांकि सही स्थिति आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।