CM said to the young Turks do not post Struggle
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सपा में न तो अभी ऊपर सब कुछ सामान्य हो पाया है और न ही बरेली में। सीएम के बरेली दौरे में ऐसी ही झलक दिखाई दी। विधायक शहजिल इस्लाम के आवास पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बरेली के सपाई युवा तुर्कों ने घेर लिया। अखिलेश भइया जिंदाबाद के नारों के बीच बुकें भेंटकर सीएम का स्वागत किया गया। नाश्ते के समय सीएम ने संगठन में उपेक्षित चल रहे युवा नेताओं को मिलने के लिए बुलाया। हाल चाल पूछने के बाद चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। प्रमोद बिष्ट को कहा बिना पद के भी पार्टी का काम होता है। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह, बुजुर्ग विधायक डा. सियाराम सागर और विधायक अताउर्रहमान शहजिल के आवास पर न जाकर त्रिशूल एयरबेस पर सीएम से मिले।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहजिल इस्लाम और उनके पिता इस्लाम साबिर को काफी तरजीह दी। पहले से कोई प्रोग्राम निर्धारित न होने के बाद भी वह शहजिल के आवास पर गए। यहां सीएम समर्थक माने जाने वाले युवा सपाइयों में अलग ही उत्साह था। सीएम ने भी किसी को निराश नहीं किया। वह सबसे मिले। यहां पार्षद भी सीएम से मिल लिए। कई नेताओं को विधायक और सुरक्षा कर्मी नाम से बुलाकर अंदर ले गए। चाचा शिवपाल सिंह यादव के सपा का प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अपने समर्थकों को संगठन में किनारे लगाने से भली भांति वाकिफ मुख्यमंत्री ने पदविहीन चल रहे नेताओं के घावों पर मरहम भी लगाया। बोले- मेहनत करो, संघर्ष करो, और किसी बात की परवाह मत करो, बाकी हम पर छोड़ दो। सीएम से मिलकर बाहर निकले युवा सपाई काफी उत्साहित नजर आए। इसके बाद सीएम त्रिशूल एयरबेस पर रवाना हो गए।
हम खुद लड़ेंगे चुनाव : सियाराम
उधर सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव, विधायक सियाराम सागर और अताउर्रहमान शाम छह बजे से ही एयरबेस पर सीएम का इंतजार कर रहे थे। सीएम सवा नौ बजे पहुंचे। यहां वह छह मिनट तक रुके। विधायक सियाराम सागर ने उनसे तीन मिनट तक बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबकी बार बेटे को चुनाव लड़ाओ। सियाराम सागर ने कहा कि नहीं साहब-लड़के को नहीं लड़ाएंगे। हम ही लड़ेंगे। जनता भी हमारे नाम पर ही सहमत है। इस पर सीएम ने कहा कि अगर आप लड़ोगे तो फिर आपका टिकट कौन काट सकता है। वीरपाल और अताउर से सीएम ने केवल हाल चाल लिया। महानगर अध्यक्ष जफर बेग, डीसीबी चेयरमैन मलखान सिंह और पूर्व विधायक मलखान सिंह यादव आदि नेता मीरगंज में काफी देर तक सीएम के आने का इंतजार करते रहे। जब ज्यादा देर हो गई तो ये नेता वहां से शिवपाल सिंह यादव की रविवार को होने वाली मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए सीएम से बिना मिले लखनऊ रवाना हो गए।