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बंद रहे कपड़ा बाजार, सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित

Tue, 20 Jun 2017 01:23 AM IST
बरेली।  
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Bareilly - फोटो : Bareilly
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कपड़ा कारोबार में जीएसटी प्रणाली प्रस्तावित होने पर थोक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे, उनके समर्थन में रिटेलर भी आंदोलन में शामिल हुए। इससे करीब सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार प्रभावित हुआ। कपड़ा व्यापारी एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो पहली जुलाई से बेमियादी हड़ताल करेंगे।
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एक दिवसीय थोक कपड़ा बाजार बंद आंदोलन को सफल बनाने के लिए सोमवार सुबह दस बजे से ही कारोबारी एकत्र होने लगे थे। होलसेल कपड़ा कमेटी के अध्यक्ष अनुपम कपूर ने बड़ा बाजार स्थित सिनेमा परिसर में कैंप कार्यालय स्थापित किया था। जिले भर से आए थोक कारोबारियों ने सभा कर कहा कि जीएसटी लागू कर सरकार पूंजीपति और अंबानी ग्रुप आदि के हाथों रिटेल और थोक कारोबार सौंपने की साजिश रच रही है। इससे  टेक्सटाइल मिल मालिक अपने रिटेल और थोक प्रतिष्ठानों की चेन बनाएंगे और माल संस्कृति को बढ़ावा देंगे। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि कारोबारी एकता के आगे यह मनमानी नहीं चल पाएगी। 
अध्यक्ष अनुपम कपूर ने कहा कि कपड़ा कारोबार पर कभी भी टैक्स नहीं था, सीधे मिल से टैक्स लगता रहा है। केंद्र सरकार ने कपड़ा पर जीएसटी लागू कर कारोबार चौपट करने की कोशिश की है। कपूर ने आह्वान किया कि वे उत्पीड़न और मनमानी के खिलाफ एकजुट रहें। सभा उपरांत व्यापारी जुलूस बनाकर कुतुबखाना, बड़ा बाजार, टाउन हाल, कुमार सिनेमा, नावल्टी, सिविल लाइंस, हिंद सिनेमा, बटलर होते हुए सेंट्रल एक्साइज कार्यालय पहुंचे। जुलूस में कारोबारियों की संख्या ज्यादा होने से यातायात भी प्रभावित रहा। हाथों में नारे लिखे तख्ती और गले में बैनर लगाकर नारे लगाते व्यापारी चल रहे थे। एक अलग प्रदर्शन होने से लोग देखने लगे। 
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व्यापारियों ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क सहायक आयुक्त मनोज प्रभाकर को ज्ञापन सौंपकर जीएसटी का विरोध जताया। नेतृत्व कर रहे अध्यक्ष अनुपम कपूर ने बताया कि जीएसटी के विरोध में पहली बार कपड़ा कारोबारी इतनी बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे हैं। इस मौके पर विधान टंडन, नरेश जडियाल, मोहित कपूर, मनीष खंडेलवाल, विनीश कपूर, रामदयाल, पंकज अग्रवाल आदि ने विचार रखे।

जिले में बंद रहे करीब दो हजार प्रतिष्ठान
जीएसटी विरोध में जिले में करीब दो हजार प्रतिष्ठान बंद रहे। आंदोलन में रिटेलर भी शामिल होने से सोमवार को खरीदारी करने निकले ग्राहक परेशान रहे। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि एक दिवसीय आंदोलन से सौ करोड़ रुपये से ज्यादा कारोबार प्रभावित हुआ।
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