निघासन। स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं ने संकुल स्तरीय समिति (सीएलएफ) के पदाधिकारियों पर रिश्वतखोरी और खातों में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं ने डीएम और सीडीओ को शिकायती पत्र भेजकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ब्लॉक निघासन के साथी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह गंगाबेहड़ की महिलाओं ने कहा कि उन्हें बीते 10 महीने से चेक काटने के नाम पर टरकाया जा रहा है। समूह की सदस्याओं का कहना है कि उन्होंने 18 लाख रुपये की मांग की थी। इस पर सीएलएफ अध्यक्ष ने पांच लाख रुपये देने का वादा किया, लेकिन शर्त रखी कि पहले 10 हजार रुपये देने होंगे। महिलाओं ने इन्कार किया तो उन्हें हर महीने मीटिंग में बुलाकर अगली बार चेक देने की बात कहकर टरकाया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के सरस्वती प्रेरणा समूह का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि समूह के खाते में अवैध तरीके से तीन लाख रुपये डाले गए। समूह की सचिव रामदेवी पत्नी मोहन ने धोखे से पैसा निकालने की कोशिश की। आरोप है कि विरोध होने पर सीएलएफ अध्यक्ष बैंक पहुंचीं और महिलाओं को धमकाते हुए कहा कि “पैसा निकल जाएगा, कोई कुछ नहीं कर पाएगा।
ज्ञान प्रेरणा समूह दौलतापुर की महिलाओं ने भी आरोप लगाया कि उनके खाते से ढाई लाख रुपये चुपके से निकाल ले गए। उन्होंने डीएम, सीडीओ समेत उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत की है।
शिकायतकर्ताओं में तारावती, रेशमा देवी, मीरा, शांति, संगीता देवी, दीपा, माधुरी, सुखरानी, ब्रिजरानी, सुमन, अरुणा देवी, रामप्यारी, लाजवंती, गुड़िया देवी, बिंदेश्वरी, हीरा कली, निर्मला समेत दर्जनों महिलाएं शामिल रहीं।
डीसी एनआरएलएम जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्राप्त शिकायत की जांच कराई जा रही है, रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।