बरेली। डीआईओएस दफ्तर में बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण का काम वर्षों से विवादित रहा है। कई वर्षों से बोर्ड परीक्षा का पटल देखते आए लिपिक मोहम्मद कलीम को कुछ महीने पहले जीपीएफ का फर्जी चेक काटने के मामले में यहां से हटा दिया गया था। हालांकि उसके बाद कलीम की फिर वापसी हो गई थी लेकिन बाद में प्रमोशन के साथ तबादला भी हो गया। इसके बाद से प्रधान सहायक राजेंद्र कुमार यह पटल देख रहे थे लेकिन दो महीने पहले डीआईओएस ने बोर्ड परीक्षा का पटल वरिष्ठ सहायक अजीत सक्सेना को आवंटित कर दिया था लेकिन उन्होंने इसका चार्ज अब तक नहीं लिया। मंगलवार को डीआईओएस ने पटल लेने के लिए फिर वरिष्ठ सहायक अजीत सक्सेना पर दबाव बनाया लेकिन उन्होंने दो टूक इंकार कर दिया। इसको लेकर अजीत की डीआईओएस से नोकझोंक भी हुई। अजीत का कहना था कि बोर्ड परीक्षा का काम काफी समय से विवादित रहा है। इसलिए वह पटल नहीं लेंगे इससे खफा डीआईओएस ने अजीत के सारे पटल सील कराकर उनको संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय के लिए रिलीव कर दिया।