तैयार हो चुका था प्रमाणपत्र
आरोपी को पकड़ने के बाद सीओ यशपाल सिंह ने संबंधित कंप्यूटर व रिकॉर्ड की जांच कराई। इसमें पता लगा कि अधिकारी के दस्तखत कराकर संबंधित अनुमतिपत्र कौशल किशोर सक्सेना पहले ही तैयार करा चुका था। वह उसके कंप्यूटर में ओके था पर उसने विनोद को यह नहीं बताया था। वह इसे अफसरों से जारी कराने के नाम पर रकम मांग रहा था। टीम ने संबंधित प्रमाणपत्र भी जब्त कर लिया।
अफसरों के मोबाइल फोन बंद
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारियों में दहशत फैल गई। अफसरों समेत अन्य जिम्मेदारों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। कुछ कर्मचारियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिये साथियों और मीडिया से कार्रवाई की पुष्टि की। चर्चा थी कि दफ्तर भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है, जिसमें कौशल की स्थिति सिर्फ एक छोटी मछली जैसी है। यहां कौशल से पूछताछ में कई और नाम सामने आने की आशंका है।