रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बाहर से आए विशेषज्ञों को दी गई योजना की जानकारी
बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है, ताकि संक्रमण की वजह से क्लास रूम में पढ़ाई न कर पाने वाले विद्यार्थियों को भी लाभान्वित किया जा सके।
यह कार्ययोजना विश्वविद्यालय में निरीक्षण के लिए बाहर से आए विशेषज्ञ सचिन कोहली और करन खुराना के सामने बनाई गई। दोनों विशेषज्ञों ने इस कार्य के लिए शिक्षा विभाग में कई वर्षों से बंद पड़े मीडिया सेंटर को क्रियान्वित करने के लिए भी चर्चा की। शिक्षकों ने विशेषज्ञों को बताया कि कुलपति यह प्रयास कर रहे हैं कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे शिक्षण कार्य को ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्येक छात्र से उसे जोड़ा जाए। इसके लिए क्लास रूम में होने वाले शिक्षण कार्य के वीडियो बनाकर या सीधे प्रसारण के जरिये छात्रों तक शीघ्र पहुंचाया जाएगा। विशेषज्ञों ने मीडिया सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्टाफ से कई जानकारियां भी जुटाईं। निरीक्षण के दौरान प्रोफेसर संजय मिश्रा, प्रोफेसर नलिनी श्रीवास्तव, डॉ. गौरव राव, प्रोफेसर यशपाल सिंह, तपन वर्मा सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक मौजूद रहे।
जल शक्ति मंत्री ने कुलपति से जानी नई शिक्षा नीति को लेकर तैयारी
बरेली। सोमवार को विश्वविद्यालय में शासन के जल शक्ति मंत्री बलदेव सिंह औलख अचानक पहुंचे और उन्होंने कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह से नई शिक्षा नीति की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। कुलपति ने पाठ्यक्रमों में संशोधन, नए कोर्स शुरू करने, शोध को बढ़ावा देने की चल रही तैयारी आदि के बारे में जानकारी दी। कुलपति ने बताया कि शिक्षा को रोजगारपरक बनाने के लिए कई विभागों विशेषज्ञ कोर्स में संशोधन के लिए अध्ययन कर रहे हैं। अगले शैक्षिक सत्र से इसमें बदलाव भी दिखाई देगा।