मौके पर तैनात पुलिस फोर्स
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आला अफसर मौके पर पहुंचे
इधर, रात में बरेली से कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और आईजी डॉ. राकेश सिंह भी पहुंच गए। एसपी ने उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। बॉडी प्रोटेक्टर पहनकर खुद एसपी अतुल शर्मा भी काफी देर तक हंगामा कर रहे लोगों से मुचैटा लेते रहे। एसपी को देख अन्य पुलिसकर्मी भी पथराव के बावजूद मजबूती से डटे रहे।
मौके पर पहुंचे आला अफसर
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रोडवेज बस और सरकारी वाहनों के टूटे शीशे
देर शाम जब प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कांवड़ियों से बातचीत की तो माहौल और गर्म हो गया। कुछ ही देर में पथराव शुरू हो गया। जबरदस्त पथराव से रोडवेज बस के शीशे टूट गए। एसडीएम, तहसीलदार, एलआईयू इंस्पेक्टर आदि की गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए। भगदड़ मच गई। जैसे तैसे पुलिस ने लाठियां फटकार कर लोगों को खदेड़ा। बताया जा रहा है कि हरिद्वार की तरफ से एक बस आ रही थी। उस पर भी पथराव कर दिया गया। इससे उसमें बैठे कुछ यात्री घायल हो गए। बस के शीशे भी टूट गए।
रेलवे लाइन किनारे पड़े पत्थर उठाकर फेंके
मंदिर के पीछे से ही रेलवे लाइन जा रही है। कांवड़िये यहां पास में ही रुके थे। इधर, हाईवे पर जाम खुलवाने के लिए पुलिस ने शाम को जब लाठियां फटकारीं तो लोग ताजिये छोड़कर रेलवे लाइन किनारे भाग गए। शाम को दूसरी बार हुए पथराव में रेलवे लाइन के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। रेलवे लाइन के पत्थर चलने से वहां अफरा-तफरी मच गई। पत्थरों की कमी न होने से पुलिस भी तितर बितर हो गई।
सीओ समेत कई घायल
पथराव के दौरान पुलिसकर्मी व पीएसी के जवान मोर्चा लेते रहे। पथराव में उनके भी पत्थर लगे। पथराव में सीओ समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। किसी के पत्थर लगा तो किसी के डंडा। देर रात तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी थी।
आमने-सामने आए ताजियेदार और कांवड़िये
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