बरेली। बिजली निगम का सात दिनों में मीटर बदलने का दावा खोखला साबित हो रहा है। नए कनेक्शन पर मीटर लग रहे हैं पर खराब मीटर बदलने के आवेदन लंबित पड़े हैं। शिकायत के बाद मीटर बदले जाने में 15-20 दिन लग रहे हैं। अफसर मीटरों की कमी होने की बात स्वीकार करने से भी परहेज कर रहे हैं।
शहर में विद्युत वितरण के चार खंड हैं। इनके लिए हर महीने में 3,000-3,500 मीटरों की जरूरत पड़ती है, लेकिन आवंटन की रफ्तार धीमी है। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अमित आनंद ने बताया कि अगर किसी का मीटर खराब होता है तो उसे परीक्षण खंड के पास लिखकर भेज देते हैं। प्रयास रहता कि सात दिन के भीतर मीटर बदल जाएं। देरी होने पर बिलिंग का पुराना ट्रेंड देखकर औसत बिलिंग करा देते हैं।
यह है हकीकत
- सुभाषनगर के विश्वनाथपुरम में स्मार्ट मीटर 10 दिन पहले खराब हुआ था। 18 सितंबर को राकेश गोस्वामी ने शिकायत की लेकिन अभी तक मीटर बदला नहीं जा सका।
- जगतपुर में मोतीराम के घर लगे मीटर की रीडिंग अधिक आ रही है। चेक मीटर लगाने के लिए उनके भाई बृजेश कुमार ने सबस्टेशन से संपर्क किया लेकिन कोई राहत नहीं मिली।
- जगतपुर निवासी जावेद अली के मीटर में फॉल्ट के बाद नया मीटर लगा तो बिल अधिक आने लगा। उन्होंने चेक मीटर लगने की गुहार लगाई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- जगतपुर निवासी शैलेंद्र कुमार गुप्ता के बंद पड़े कारखाने में आठ दिन से मीटर में करंट नहीं आ रहा है। शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी मीटर नहीं बदला नहीं गया है।
- सिठौरा निवासी विपिन पटेल ने बताया कि उनकी मां सीमा के नाम कनेक्शन है। एक महीने से मीटर में रीडिंग नहीं आ रही है। शिकायत के बाद भी मीटर नहीं बदला गया।
- शिवशक्ति गार्डन के अरुण तोमर के घर में मीटर का तार बदलवाना है। 20 दिन पहले ऑन लाइन शिकायत की थी। अब तक बिजली निगम से किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया।
कोट
पहले तो 24 घंटे में ही मीटर बदलने का प्रयास रहता था, लेकिन अब वितरण खंड से जेई और एई की रिपोर्ट आने के बाद ही मीटर लगाते हैं। इसमें थोड़ा समय लग जाता है। अगर किसी उपभोक्ता का मीटर देरी से लग रहा है तो उसके प्रकरण का परीक्षण करा लेंगे।- विपुल जैन, अधिशासी अभियंता, परीक्षण खंड