बरेली। हार्टमन ओवरब्रिज पर हुए खतरनाक गड्ढों की सरिया कई दिन से बाहर निकली थी। इसकी सुध न लेने पर स्मैकि इसे काट ले गए। बाद में पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारियों ने लोहे का जाल की मरम्मत कराए बगैर ही गड्ढों को ऐसी ही सीमेंट से भर दिया है। इंजीनियरों का कहना है कि लोहे का जाल ठीक न कराए जाने से पुल के गड्ढे भरने के नाम पर लीपापोती से कभी भी भारी वाहन निकलने के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है।
मानकों को दरकिनार कर घटिया सामग्री लगाए जाने से करीब एक दशक पहले बना यह ओवरब्रिज अभी से भी काफी जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। पिछले साल भी इस फ्लाईओवर पर खतरनाक गड्ढे हो गए थे। पीडब्ल्यूडी ने मरम्मत के नाम पर लीपापोती की। इस वजह से इस ओवरब्रिज पर फिर से कई जगहों पर कई फुट के गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों की इतनी ज्यादा गहराई है कि पुल की सड़क को मजबूती देने के लिए बना लोहे का जाल तक बाहर दिखाई देने लगा था। वाहनों के निकलने के सरिया टूट गई थी। इसके बावजूद न तो पीडब्ल्यूडी और न ही सेतु निगम के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। बताते हैं कि मंगलवार की रात में स्मैकिए सरियों को काट ले गए। इसकी भनक जब बुधवार को अधिकारियों को लगी तो जाल की मरम्मत कराए बगैर ही मौके पर मजदूरों को भेजकर सीमेंट से पैच वर्क का काम ऐसे ही करा दिया। जबकि इंजीनियर इसे काफी खतरनाक बताया। उनका कहना है कि लोहे का जाल ठीक कराए बगैर ऐसी ही मरम्मत कराया जाना खतरनाक होता है। भारी वाहनों के निकलने के दौरान इसमें अचानक गहरा गड्ढा होने से बड़ा हादसा भी हो सकता है।
हार्टमन ओवरब्रिज की मरम्मत कराने के लिए इस बार मैंने सेतु निगम के अधिकारियों से कहा था। अगर सरिया का जाल ठीक कराए बगैर ऐसी ही गड्ढा भरा जा रहा है तो यह स्थिति ठीक नहीं है। रिपेयरिंग का काम किस तरह से हुआ है, मौके पर पहुंचकर मैं खुद इसकी जांच करूंगा। -प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी