बरेली। रामगंगा पर बना नया पुल भी सोमवार को लोकार्पण की रस्मअदायगी के बगैर ही शुरू कर दिया गया। जर्जर हो चुके पुराने पुल को फिलहाल बंद कर दिया गया है। पीडब्ल्यूडी अफसरों के मुताबिक नया पुल फिलहाल कुछ दिन के लिए बतौर ट्रायल खोला गया है।
दिवाली से ऐन पहले रामगंगा पुल के तौर पर एक और सौगात मिली है। पुराने पुल को बंद कर सोमवार को नए पुल को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया। रामगंगा पर 58.46 करोड़ की लागत से 671 मीटर लंबा नया पुल बनाने के लिए 2016 में स्वीकृति मिली थी जिसका निर्माण पूरा होने में चार साल का समय लग गया। पुल को हाईवे से जोड़ने के लिए दोनों तरफ तीन-तीन सौ मीटर लंबी एप्रोच रोड बनाई गई है। आईवीआरआई और नकटिया के दोनों पुलों की तरह आचार संहिता लगी होने के कारण इस पुल का भी लोकार्पण नहीं हो सका। पीडब्लूडी के एक्सईएन डीके तिवारी ने बताया कि पुल पर काम पूरा हो चुका है। हालांकि अभी विभाग की निगरानी में बतौर ट्रायल उसे ट्रैफिक के लिए खोला गया है।
पुराने रामगंगा पुल की हालत और खराब
पुराने रामगंगा पुल की हालत और खराब हो गई है। पुल पर चढ़ने से पहले पुलिस चौकी के सामने सड़क पर कई गड्ढे तो हैं ही, पुल के बीच लोहे का एक एंगल टूटकर ऊपर की ओर उठ गया है जो गाड़ियों के निकलने पर हिलता है। कुछ डामर भी टूटकर नीचे गिर गया है। इससे पुल में चौड़े सुराख हो गए हैं। एक-दो जगह रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। अफसरों के मुताबिक पुल को काफी मरम्मत की जरूरत है।
सेटेलाइट पुल: एचटी लाइन शिफ्ट करने को अभी नहीं मिला बजट
सेेटेलाइट फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में है। सेतु निगम ने मार्च 2019 में करीब 26 करोड़ की लागत से इसका निर्माण शुरू कराया था। बिजली की लाइन और पोल शिफ्ट करने के लिए बाद में अलग एस्टीमेट भेजा गया। चौराहे के दोनों तरफ पुल बन चुका है, लेकिन पुल के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन अब तक ऊंचा नहीं किया गया है। पॉवर कॉरपोरेशन को इस काम के लिए सेतु निगम को करीब 5.50 करोड़ रुपये देने हैं लेकिन साल भर बाद भी शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। सेतु निगम डीपीएम वीके सेन ने बताया कि पुल के ऊपर बिजली की लाइन कम से कम 10 मीटर ऊंची होनी चाहिए लेकिन अभी इसकी ऊंचाई सिर्फ साढ़े चार मीटर ही है। बजट का प्रस्ताव शासन को गया है। मंजूर होते ही आगे का काम शुरू हो जाएगा।