बरेली/आंवला। भाजपा विधायक पूर्व सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह आंवला पुलिस से खासे नाराज हैं। आंवला और सिरौली क्षेत्र की कुछ घटनाओं में पुलिस की भूमिका से वह इस कदर आहत हैं कि 14 नवंबर से आवंला थाने में डेरा जमाने की चेतावनी दे दी है। उन्होंने एडीजी जोन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। एडीजी ने एसएसपी को प्राथमिकता से शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व सिंचाई मंत्री ने एडीजी अविनाश चंद्र से शनिवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की। कहा, थाना सिरौली के गांव केसरपुर में सपा, बसपा के शासनकाल से ही अंतरराज्यीय पशु तस्कर सक्रिय हैं। इननके बीच अक्सर गैंगवार होती रहती है। केसरपुर निवासी मुशाहिद की हत्या करने के लिए हथियारों से लैस बदमाशों ने कई घरों की तलाशी ली थी। उसने छिपकर जान बचाई थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट तक नहीं लिखी। विधायक का कहना था कि जब उन्होंने दबाव बनाया तो पुलिस ने रिपोर्ट लिखी, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई।
आंवला नगर की नलकूप कॉलोनी में नई बस्ती के वासिद को चोरी करते रंगे हाथों पकड़ा गया था। जनता ने वासिद को पुुुलिस के सुपुर्द कर दिया था। वासिद चार घंटे कोतवाली में रहा था। पुुुलिस ने आर्थिक समझौता कर बिना मेडिकल कराए उसे घर भेज दिया। बाद में उसकी मौत हो गई तो पुलिस ने निर्दोष लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इनमें अधिकांश लोग अनुसूचित जाति वर्ग के मजदूर पेशा हैं। सिरौली के भूरे सिंह पर भी पुलिस ने झूठा मुकदमा दर्ज कर लिया है। उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। 10 हजार रुपये उनसे ले भी लिए गए। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर इन मामलों में 13 नवंबर तक कार्रवाई नहीं हुई तो वह 14 नवंबर से आंवला थाने में डेरा जमा लेंगे। उनके साथ आंवला नगर परिषद अध्यक्ष संजीव सक्सेना, आशु सिंह एडवोकेट आदि भी मौजूद थे।
पूर्व मंत्री की शिकायतों के बारे में एसएसपी को बता दिया है। उन्होंने बताया कि कुछ मामले निपट भी चुके हैं। बाकी जायज मामले प्राथमिकता से निपटा दिए जाएंगे। - अविनाश चंद्र, एडीजी जोन