बरेली। जर्मनी से वैन लेकर वर्ल्ड टूर पर निकले पर्यटकों को ग्रीन पार्क में अपनी गाड़ी खड़ी करके रात काटने की कोशिश काफी भारी पड़ी। देर शाम टहलने निकले कॉलोनी के लोगों ने एक तरफ खड़ी लंबी-चौड़ी वैन में दो विदेशियों को आराम फरमाते देखा तो चौंक गए। फौरन पुलिस को बुलाया गया और फिर लंबी पूछताछ का दौर चला। विदेशियों ने सफाई दी कि वे सिर्फ आबादी के बीच रात काटना चाहते हैं लेकिन कॉलोनी के लोगों का शक कम नहीं हुआ। आखिरकार पुलिस ने उन्हें लगभग जबर्दस्ती करते हुए कॉलोनी से निकाल दिया। इसके बाद विदेशी पर्यटक रात में ही बरेली छोड़कर निकल गए।
शुक्रवार रात यह वाकया करीब दस बजे हुआ। मर्सिडीज बेंज मॉडल की एक लंबी वैन अचानक कॉलोनी में घुसी और एक तरफ खड़ी। आमतौर पर कॉलोनी में इस तरह की गाड़ियां न आने की वजह से लोगों का ध्यान उधर गया तो वे गाड़ी की नंबर प्लेट पर विदेशी नंबर देखकर चौंक गए। गाड़ी में दो विदेशी नजर आए तो शक और बढ़ गया। इसके बाद लोगों ने आपस में सलाह-मशवरा करने के बाद पुलिस को सूचना दे दी। थाना बारादरी से पहुंचे सब इंस्पेक्टर कुलदीप वैन से दोनों विदेशियों को उतारकर पूछताछ की तो एक ने अपना नाम शेमेन कार्सटन तो दूसरे ने कैस्पर मैनफ्रेड बताया। दोनों विदेशियों ने सब इंस्पेक्टर को बताया कि वे जर्मन नागरिक हैं और जर्मनी से ही अपनी गाड़ी लेकर वर्ल्ड टूर पर निकले हुए हैं। कई देशों की यात्रा करते हुए वह भारत में बरेली पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि उनका आखिरी पड़ाव आस्ट्रेलिया है।
जर्मन पर्यटकों ने पुलिस को बताया कि जर्मनी से निकलने के बाद वे अब तक कहीं भी किसी होटल में नहीं रुके हैं। अपने सोने के लिए बेड का इंतजाम उन्होंने अपनी वैन में ही किया हुआ है। वे दिन भर सफर करते हैं और रात को कोई सुरक्षित कॉलोनी देखकर अपनी गाड़ी को वहीं पार्क कर लेते हैं और रात काटने के बाद सुबह फिर सफर पर निकल पड़ते हैं। काफी सफाई देने के बाद भी पुलिस ने साफ कर दिया कि बगैर कॉलोनी के लोगों की अनुमति लिए वे वहां नहीं रुक सकते, इसलिए वे फौरन वहां से निकल जाएं। विदेशी पर्यटकों ने काफी देर पुलिस से बहस की लेकिन कॉलोनी के लोगों का रुख देखकर पुलिस ने उन्हें कॉलोनी में रुकने देने की इजाजत देने से साफ इनकार कर दिया। आखिरकार दोनों पर्यटक गाड़ी लेकर कॉलोनी से निकल गए।
वेबसाइट पर चेक किया तो वाकई वर्ल्ड
टूर पर निकले जर्मन पर्यटक निकले
शनिवार सुबह कॉलोनी के लोगों ने रात में वैन लेकर आए विदेशियों की सच्चाई जानने के लिए उनके बताए ब्योरे के आधार पर वेबसाइट पर सर्च किया तो दोनों वाकई जर्मनी के नागरिक निकले। उनका नाम पता भी दुरुस्त निकला और उनके वर्ल्ड टूर पर निकलने का विवरण भी वेबसाइट पर था। हालांकि इससे पहले रात को दोनों विदेशियों ने पुलिस के साथ कॉलोनी के लोगों को भी अपने पासपोर्ट और पहचान के दूसरे दस्तावेज के साथ गाड़ी के कागज भी दिखाए थे लेकिन लोगों ने उनकी बात पर यकीन नहीं किया। हालांकि इसकी एक वजह यह भी थी कि एक विदेशी नागरिक अपने सिर पर इस्लामी टोपी लगाए हुए था।
जर्मनी तक शोहरत.. सब इंस्पेक्टर
से बोले चाहे तो पैसे ले लो
ग्रीन पार्क के लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंचे थाना बारादरी के सब इंस्पेक्टर कुलदीप भी उस वक्त चक्कर में पड़ गए जब जर्मन नागरिकों ने कॉलोनी के लोगों के सामने ही उनसे कहा कि वह चाहें तो कॉलोनी में ठहरने की अनुमति देने की एवज में वे उन्हें कुछ पैसे भी दे सकते हैं। सबइंस्पेक्टर ने हालांकि सख्ती से इनकार करते हुए उनसे कॉलोनी छोड़कर फौरन निकल जाने को कहा लेकिन जर्मन नागरिकों का यह ऑफर कॉलोनी के लोगों में चर्चा का विषय बन गया। हालांकि सुबह ग्रीन पार्क की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
जर्मनी से आस्ट्रेलिया जा रहे दो विदेशी शुक्रवार रात बरेली होकर निकले थे। उनकी इच्छा थी कि किसी अच्छी कॉलोनी में गाड़ी खड़ी करके वे उसमें आराम कर लें। उन्होंने ग्रीन पार्क में गाड़ी खड़ी की तो लोगों ने ऐतराज कर दिया। उनसे होटल में रुकने को कहा तो वे नहीं रुके और गाड़ी लेकर निकल गए। - कुलदीप कुमार, रुहेलखंड चौकी प्रभारी