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पीडब्ल्यूडी और वन विभाग के बीच समन्वय न होने से लटका फोरलेन का सर्वे

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सेटेलाइट-हवाई अड्डा फोरलेन
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एक्सीडेंट होते हैं तो हों.. हमें नहीं परवाह
वन विभाग और पीडब्ल्यूडी अफसर सर्वे में ही कर रहे टालमटोल
निरीक्षण के बजाय एक-दूसरे के विभाग का स्टाफ न आने की हो रहीं शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। वन विभाग और पीडब्ल्यूडी के बीच समन्वय न होने से पीलीभीत बाईपास पर सेटेलाइट से हवाई अड्डे तक फोरलेन का सर्वे तक नहीं हो पा रहा है। दोनों विभागों की टालमटोल से फोरलेन के लिए डिटेल प्रोेजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तक नहीं बन पा रही है।
पीलीभीत बाईपास पर बढ़ते ट्रैफिक और मयूर वन चेतना केंद्र के पास खूनी मोड़ पर खतरा कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी को सेटेलाइट से हवाई अड्डे के पास तक फोरलेन बनना है। यह सड़क पीडब्ल्यूडी के पास है, लेकिन चौड़ीकरण के लिए रोड साइड का कुछ हिस्सा वन विभाग के पास है। इसलिए दोनों ही विभागों को मिलकर संयुक्त आख्या तैयार करनी है। पहले पीडब्ल्यूडी अफसरों का कहना है सर्वे के लिए 18 नवंबर को वन विभाग का स्टाफ बुलाने के बावजूद उपस्थित न होने हुआ। जबकि डीएफओ भरतलाल का कहना है कि 17 नवंबर को वन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा था, लेकिन पीडब्ल्यूडी के एई-जेई यह कहकर वहां से चले गए कि वह विद्युत निगम के स्टाफ को बुलाकर लाते हैं। इसके बाद 18 और 19 नवंबर को भी वन विभाग का स्टाफ पहुंचा था लेकिन पीडब्ल्यूडी का स्टाफ न पहुंच पाने से यह सर्वे नहीं हो सका है। डीएफओ का कहना है कि 20 नवंबर को सहायक अभियंता शैलेंद्र अवस्थी से फोन पर बात की गई लेकिन व्यस्तता की बात कहते हुए आने से मना कर दिया। 27 नवंबर को इस मामले को लेकर डीएफओ भरतलाल ने पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड भवन के एक्सईएन वीएम शर्मा को नोटिस भी भेजा है।
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‘डिप्टी सीएम सहित कई वीआईपी दौरा लगने की वजह से पीडब्ल्यूडी का स्टाफ नहीं पहुंच पाया था। हालांकि वन विभाग का स्टाफ पहले से ही लापरवाही दिखा रहा है। लेकिन जल्द ही दोनों विभाग मिलकर इसका निस्तारण करेंगे।’
- वीएम शर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड भवन
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