सख्त निर्देशों के बावजूद पराली जलाने के मामलों को गंभीरता से न लेने पर शासन ने शिकंजा कसा तो प्रशासन के अफसरों ने भी सख्ती दिखानी शुरू कर दी। मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र सिंह चौधरी और उपनिदेशक अशोक यादव को डीएम नितीश कुमार ने नोटिस जारी कर दिया। इसके अलावा जिले भर में उन 15 लेखपालों को भी नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है जिनके इलाके में सेटेलाइट के जरिये पराली जलाने की घटनाएं होने की पुष्टि हुई है। बता दें कि यह कार्रवाई तब हो रही है जब जिले के ज्यादातर अपने खेतों में धान की फसल काटने के बाद उसकी पराली जला चुके हैं। अब गिनेचुने इलाकों में ही धान की फसल काटना बाकी रह गया है।
पराली जलाने के मामलों में सोमवार को शासन को भेजी गई प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में आठ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद सोमवार देर रात भी जिले के विभिन्न थानों में कुछ और केस दर्ज हुए। मंगलवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। मंगलवार की देर शाम को जिला प्रशासन ने शासन को भेजी रिपोर्ट में 81 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की सूचना भेजी है।
पराली जलाने के मामलों में सख्ती की जा रही है। पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करें। -नितीश कुमार, जिलाधिकारी