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सीएनजी-पीएनजी के काम में तेजी को जुटे हैं दो मंत्री मगर साहब नहीं सुनते

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बरेली। सरकार की प्लानिंग कुछ और है लेकिन सिस्टम अपने हिसाब से स्मार्ट सिटी बनाना चाहता है। नतीजा यह है कि स्मार्ट सिटी की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की रफ्तार सुस्त पड़ गई है और काम आगे बढ़ने के बजाय उलझता जा रहा है। स्मार्ट फ्यूल के साथ पर्यावरण सुरक्षा और प्रदूषण रहित शहर बनाने पर अब तक कोई ध्यान ही नहीं दिया गया है। हालत यह है कि दो-दो केंद्रीय मंत्रियों को चिट्ठी लिखकर यह बताना पड़ रहा है कि स्मार्ट सिटी में कौन से काम सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर हो रहे हैं।
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सबसे महत्वपूर्ण मसला शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने का है जिसमें बीडीए, नगर निगम और वन विभाग काफी समय से अड़ंगा लगाए हुए हैं। हालत यह है कि शहर में करीब छह सीएनजी पंप लगाकर छह हजार से ज्यादा नए कनेक्शन देने की कार्ययोजना इन विभागों में फंसी हुईं हैं। हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री धमेंद्र प्रधान ने इस पर नाराजगी जताते हुए इस परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को प्राथमिकता देने को कहा है। दरअसल पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश भर में 228 भौगोलिक गैस वितरण क्षेत्र (जीसीडी) चिह्नित किए हैं। पांच साल पहले पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी में शामिल बरेली समेत कई शहरों में ज्यादा से ज्यादा पीएनजी कनेक्शन और वाहनों को स्वच्छ ईंधन सप्लाई देने के लिए यह प्रोजेक्ट शुरू कराया था। अब मंत्रालय ने प्रोजेक्ट एरिया की संख्या 34 से बढ़ाकर 228 कर दी है।
बरेली स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होते ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने यहां लक्ष्य में वृद्धि कर छह नए सीएनजी पंप और छह हजार से ज्यादा नए कनेक्शन देने की कार्ययोजना लागू की लेकिन हालत यह है कि पिछले दो सालों से यह प्रस्ताव बीडीए में दबा हुआ है। उधर, नगर निगम और वन विभाग में लाइनें बिछाने की अनुमति देने का मामला अटका हुआ है। नगर निगम लाइनें बिछाने से पहले मनमाना बिल थमा रहा है। इसलिए दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट काफी समय से कागजों में फंसे हुए हैं।
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धर्मेंद्र प्रधान की चिट्ठी पर संतोष ने डीएम को दी नोडल अफसर बनाने की हिदायत
बरेली के प्रशासन और दूसरे विभागों की सुस्ती का पेट्रोलियम मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से कहा है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर स्थानीय प्रशासन और दूसरे विभागाें में समन्वय कराएं। इस पर संतोष गंगवार ने डीएम बरेली को लिखी चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान के पत्र का संदर्भ देते हुए लंबित एनसीओ और दूसरे काम समय से कराने को कहा है ताकि स्मार्ट सिटी को स्मार्ट फ्यूल के जरिये प्रदूषण से बचाया जा सके। पत्र में कहा गया है कि देश भर में करीब 70 प्रतिशत आबादी को स्मार्ट फ्यूल का लाभ पहुंचाया जा चुका है लेकिन बरेली में इसकी प्रगति बेहद खराब है। अभी शहर में दस प्रतिशत लोगाें को भी इसका लाभ नहीं मिल पाया है। संतोष गंगवार ने पत्र में कहा गया है कि यह उनके संसदीय क्षेत्र का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, इसलिए इसकी प्रगति की समीक्षा के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी को अलग से नोडल अफसर बनाया जाए।

इन स्थानों पर पीएनजी लाइन प्रस्तावित
राजेंद्रनगर, पुराना शहर, कालीबाड़ी, डीडीपुरम, प्रेमनगर, मॉडल टाउन, मिनी बाईपास, सीबी गंज समेत विभिन्न स्थानों पर करीब पांच हजार से ज्यादा घर और प्रतिष्ठानों तक पीएनजी कनेक्शन देना प्रस्तावित है।
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