बरेली। राजस्व विभाग से शुरू हुआ जालसाजी का खेल अब बैंकों तक फैल गया है। हाल ही में बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की परसाखेड़ा शाखा में हुए ऑडिट के बाद दलालों और बैंक स्टाफ की सांठगांठ से खतौनियों में जालसाजी हेराफेरी कर लाखों रुपये का केसीसी लोन लेकर हड़प लेने का मामले का खुलासा हुआ है। बैंक उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बृहस्पतिवार को शाखा प्रबंधक ने इस मामले में एसएसपी को तहरीर दी जिस पर उन्होंने थाना सीबीगंज पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
कुछ ही समय पहले इस बैंक शाखा में 13 मार्च 2006 से 20 फरवरी 2017 के बीच स्वीकृत हुए ऋणों का ऑडिट किया गया था। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि कई मामलों में खतौनियों में वास्तविक भूस्वामी का नाम हटाकर फर्जी नाम डाले गए हैं और फिर उसके आधार पर किसान क्रे़िडट कार्ड बनवाकर लाखों रुपये का लोन ले लिया गया। यह मामला जानकारी में आने के बाद गहराई से जांच कराई गई तो पता चला कि कई खतौनयों से सह खातादारों और साझीदारों के नाम हटा दिए गए थे और जालसाजी करने वालों ने खुद को अकेले जमीन का मालिक दिखाकर लोन ले लिया।
इस तरह के भी मामले सामने आए जिनमें खतौनियों में जालसाजी कर लोन लिया गया और फिर उसके बाद जमीन को भी बेच दिया गया। इससे बैंक के सामने लोन की वसूली का रास्ता भी खत्म हो गया। बृहस्पतिवार को बड़ौदा उत्तर प्रदेश बैंक के शाखा प्रबंधक यशवर्धन सिंधू ने एसएसपी से मिलकर उन्हें तहरीर दी और इस पर एफआईआर दर्ज कराने का आग्रह किया। एसएसपी ने इंस्पेक्टर सीबीगंज को एफआईआर दर्ज करके जांच करने का आदेश दिया है।
बैंक स्टाफ की सांठगांठ के बगैर संभव नहीं धोखाधड़ी
खतौनियों में हेराफेरी कर बैंक से लाखों का लोन लेकर हड़प जाने के मामले में बैंक स्टाफ भी शक के घेरे में है। पुलिस का भी मानना है कि बैंक स्टाफ की सांठगांठ के बगैर यह हेराफेरी संभव नहीं थी। दरअसल बैंक की तय प्रक्रिया है कि खतौनी की सत्यापित प्रतिलिपि पर लोन दिया जाए। बैंक स्टाफ अपने स्तर से भी इस तरह के रिकॉर्ड का सत्यापन कराता है, साथ ही मौके पर जाकर भी सत्यापन करता है। माना जा रहा है कि जालसाजी और धोखाधड़ी के इन मामलों में ऐसा कुछ नहीं किया गया, इसी कारण बैंक को लाखों का नुकसान हो गया।
पुलिस सिर्फ किसानों पर लगाए गए आरोप की ही जांच नहीं करेगी, अगर बैंक अफसर या कर्मचारी दोषी मिले तो उन पर भी कार्रवाई होगी। बिना स्टाफ की सहभागिता के इस तरह की धोखाधड़ी संभव नहीं है। यह बात शाखा प्रबंधक को भी बता दी गई है। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी