मेला ककोड़ा (बदायूं)। कार्तिक पूर्णिमा पर मेला ककोड़ा में लाखों श्रद्धालुओं ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाई। तड़के से ही स्नान का दौर शुरू हो गया जो देर शाम तक चलता रहा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर सूर्य को अर्घ्य दिया, साथ ही परिवार की सुख समृद्धि की मनौतियां मानी। दान पुण्य करने के बाद मेले का आनंद उठाया। सोमवार रात से श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला जो शुरू हुआ वह मंगलवार दोपहर तक चलता रहा। शाम ढलते ही मेला ककोड़ा रंग-बिरंगी रोशनी में डूब गया। एक अनुमान के मुताबिक ककोड़ा में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने पहुंचकर स्नान किया।
रुहेलखंड का प्रसिद्ध मेला ककोड़ा पांच नवंबर से चल रहा है। तब से लगातार मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। मेले में बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बरेली, कासगंज, मुरादाबाद के अलावा अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु पहुंचे और कल्पवास किया। मेले में धूनी रमाये बैठे संतों ने हवन, यज्ञ, भजन और कीर्तन किया, वहीं कई अन्य धार्मिक आयोजन भी हुए। मेले में श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारों का आयोजन हुआ। मंगलवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर तड़के से ही लोगों के स्नान का दौर शुरू हो गया था। लोगों ने गंगा किनारे पूजा पाठ भी की, साथ ही परिवार के साथ स्नान का आनंद लिया।
परिवहन निगम की व्यवस्थाएं रही फेल, यात्री परेशान
मेला ककोड़ा। परिवहन निगम की ओर से हर आधे घंटे पर मेले के लिए बस चलाने का दावा किया गया, लेकिन यह दावा केवल कागजों तक ही सीमित रह गया, जिसके कारण मेले में पहुंचने वाले और वहां से लौटने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। मेला स्थल पर बनाए गए रोडवेज बस स्टैंड पर हजारों लोग बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें बस नहीं दिखाई दीं। ऐसे में श्रद्धालुओं को प्राइवेट बस और डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
डीएम कुमार प्रशांत ने मेला ककोड़ा में पिछले दिनों सभी अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए थे कि मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। डीएम ने एआरएम को भी निर्देशित किया था कि मेले आने जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था ठीक होनी चाहिए, लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से श्रद्धालुओं को समय से रोडवेज बस मुहैया नहीं हो पायी। हजारों यात्री मेला स्थल पर बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड पर बसों का दिन भर इंतजार करते रहे। बस आती भी तो भीड़ का आलम यह था श्रद्धालुओं की भीड़ उधर भाग पड़ती।
खेलकूद प्रतियोगिताओं में डटे रहे खिलाड़ी
रेत की चादर पर बसने वाले मेला ककोड़ा में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिला पंचायत की ओर से बनवाए गए कैंपस में खिलाड़ियों ने वॉलीबॉल, दौड़ आदि प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इसके अलावा काला जादू, कठपुतली नृत्य, कबड्डी आदि का भी आयोजन किया गया। मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने झूले, सर्कस आदि का जमकर आनंद लिया।
महिलाओं ने जमकर की खरीदारी
ककोड़ा मेले में लगे मीना बाजार मेें मंगलवार को महिलाओं और युवतियों की भीड़ नजर आयी। उन्होंने दिनभर जमकर खरीदारी की। भीड़ को देख दुकानदारों के चेहरे खिले नजर आए। कॉस्मेटिक के आइटमों की भी जमकर बिक्री हुई।
मोबाइल शौचालय हुए चोक, खुले में हुई शौच
मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ जब मेले में उमड़ी तो स्वच्छता बनाए रखने के लिए बनाए गए मोबाइल शौचालय फेल होते दिखाई दिए। शौचालय चोक होने के साथ यहां पानी भी नजर नहीं आया। गंदगी और दुर्गंध का आलम ये था, कि तमाम लोगों ने तो इधर जाना भी गवारा नही किया। ऐसे में तमाम लोग खुले में शौच करते नजर आए। मंगलवार तड़के तो तमाम लोगों ने खुले में शौच करके प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती दे डाली।
218 खोये बच्चों को मिलाया स्काउट गाइड ने
मेला ककोड़ा में हर साल स्काउट-गाइड की ओर से शिविर लगाया जाता हैं, जहां पर मेले में बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से मिलाने का पुनीत काम किया जाता है। मंगलवार को भी स्काउट ने मेले में बिछड़े 218 बच्चों को उनके परिवार से मिलाया। बिछड़े बच्चों को पाकर उनके माता पिता ने भी स्काउट्स को धन्यवाद दिया।
बाइक की टक्कर से युवक घायल
मेले में एक अनियंत्रित बाइक सवार ने पैदल चल रहे 22 वर्षीय युवक अमन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर जुटी भीड़ ने घायल युवक को मेले में बने अस्पताल में भर्ती कराया। हालात गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।