बरेली। मंडी परिषद ने प्रदेश में 18 निर्माण खंड तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिए हैं। अब सिर्फ मंडल मुख्यालयों पर ही डिवीजन होंगे। शुक्रवार से लागू हुई नई व्यवस्था से बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिला कार्यालयों का अस्तित्व खत्म हो गया हैै। इन तीनों जिलों का स्टाफ मंडल मुख्यालय पर स्थानांतरित किया जाएगा।
परिषद निदेशक ने प्रशासनिक एकरूपता और कार्यकुशलता लाने के लिए 37 निर्माण खंडों का पुनर्गठन किया है। अभी तक सभी जिलों में उपनिदेशक (निर्माण) कार्यालय कार्यरत थे। इनके संचालन में हर वर्ष 24 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्चा आता है, इसलिए परिषद ने कार्यकुशलता लाने के लिए सिर्फ मंडल स्तर पर ही उपनिदेशक (निर्माण) कार्य करेगा। एक डिवीजन मुख्यालय स्तर पर रहेगा। निदेशक ने शुक्रवार दोपहर इस आशय का आदेश भी जारी कर दिया। इस समय शाहजहांपुर में रविंद्र कुमार, पीलीभीत में संजय अरोरा और बरेली में अशोक शर्मा उपनिदेशक (निर्माण) के पद पर संबद्धीकरण के तहत कार्यरत हैं। बताया जाता है कि यह तीनों उपनिदेशक अब निचले पद पर काम करेंगे।
हरीराम बरेली में डीडीसी
नई व्यवस्था में हरीराम बरेली मंडल में पहले उपनिदेशक (निर्माण) बनाए गए हैं। बदायूं में कार्यरत डीडीसी हरीराम मंडल में वरिष्ठ हैं, इसलिए उन्हें बरेली में पहला क्षेत्रीय निर्माण खंड का प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश में 37 डीडीसी कार्यालयों का पुनर्गठन कर दिया गया है। मंडल स्तर पर क्षेत्रीय निर्माण खंड कार्य करेंगे। नई व्यवस्था एक नवंबर से लागू कर दी गई है। इससे कार्यकुशलता और गुणवत्ता बढ़ेगी। - जेपी सिंह, मंडी निदेशक