बरेली। हार्टमन रामलीला खत्म हुए तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन सफाई अब तक नहीं हो पाई है। पूरे ग्राउंड में पॉलिथीन और कूड़े के ढेर लगे हैं, लेकिन न तो नगर निगम ने इस ओर ध्यान दिया है और न ही मेला कमेटी ने। क्षेत्रीय पार्षद ने मेयर उमेश गौतम से शिकायत कर ग्राउंड की सफाई कराने की मांग की है।
हार्टमन रामलीला ग्राउंड के मालिकाना हक को लेकर नगर निगम और मेला कमेटी में विवाद छिड़ा है। दोनों ही इस पर अपना हक जता रहे हैं, लेकिन इसके रखरखाव का किसी को ध्यान नहीं है। इस बार 30 सितंबर को रामलीला शुरू हुई थी। जो नौ अक्तूबर को संपन्न हो चुकी है। तीन दिन बीतने के बावजूद इस ग्राउंड की सफाई का किसी को ध्यान नहीं है। पूरे मैदान में कूड़ा और पॉलिथीन बिखरी पड़ी है। गंदगी के चलते सुबह टहलने आने वाले लोगों ने यहां आना छोड़ दिया है। क्षेत्रीय पार्षद पूनम गंगवार का कहना है कि हर वर्ष रामलीला चलने के दौरान वहां सफाई के लिए 12 कर्मचारी लगाए जाते थे। मगर इस बार 29 सितंबर से चार अक्तूूबर तक सिर्फ छह कर्मचारी लगाए गए और फिर उन्हें भी हटा लिया गया। पार्षद की शिकायत पर मेयर उमेश गौतम से ग्राउंड की शीघ्र सफाई का आश्वासन दिया है।
एमपी थिएटर की जांच ठंडे बस्ते में
रामलीला के दौरान ही हार्टमन ग्राउंड में निर्माणाधीन एमपी थिएटर को ध्वस्त कर दिया गया था। इसको लेकर ठेकेदार ने रामलीला कमेटी और उसके सदस्यों पर थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मगर अब तक पुलिस यह नहीं पता कर सकी है कि निर्माण किसने ध्वस्त किया था।