बरेली। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि गरीबों को कम प्रीमियम पर बीमा का फायदा मिले लेकिन कमिश्नर रणवीर प्रसाद को सदर तहसील क्षेत्र के महेशपुर ठाकुरान में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का यह हाल देखकर दंग रह गए थे कि ज्यादातर लेखपालों ने यह कहकर पात्र होने के बावजूद दूसरे तमाम छोटे व्यवसाय से जुड़े गरीबों को अपात्र बताते हुए उन्हें योजना का लाभ देने से इंकार कर दिया। जबकि इस बीमा योजना में 48 विभिन्न व्यवसाय जुड़े लोग भी शामिल हैं। कमिश्नर ने मंडल के सभी डीएम को पात्रता में आने वालों लिस्ट भी जारी करते हुए लाभार्थियों की नियमित रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
एक सितंबर को कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों के साथ महेशपुर ठाकुरान का दौरा करने पहुंचे थे। गांव कई किसानों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ न मिलने की शिकायत अधिकारियों से की थी। कमिश्नर ने लेखपालों से योजना की पात्रता को लेकर पूछा तो जानकर हैरान रह गए कि लेखपाल केवल भूमिहीन किसानों को इस स्कीम में शामिल कर रहे हैं, जबकि शासनादेश में 48 प्रकार के व्यवसायों को चिह्नित किया गया है। कमिश्नर ने यह भी पाया कि इसे लेकर लोगों को लाभ दिलाना तो दूर इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही है। इसे लेकर कमिश्नर ने सभी डीएम को पात्रता में आने वालों की लिस्ट जारी कर उन्हें भी इसका लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।
ये भी आते हैं पात्रता की श्रेणी में
-बीडी वर्कर्स, ब्रिक किम वर्कर्स, कारपेंटर, फिशरमैन, हस्तशिल्पी, हैंडलूम व खादी कारीगर, लेडी टेलर्स, लैदर एंड टैनरी वर्कर्स, पापड़ निर्माता, स्वरोजगार दिव्यांग, रिक्शा व आटो चालक, सफाई कर्मी, ट्रांसपोर्ट ड्राइवर और कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर, माली, असंगठित क्षेत्र के मजदूर, ग्रामीण भूमिहीन आदि।
योजना के ये हैं मानक
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का सालाना प्रीमियम 330 रुपये है। योजना में 18.50 साल तक की उम्र के लोग शामिल हो सकते हैं। योजना में ग्राहक को 55 साल की उम्र तक लाभ मिलता है। पॉलिसी का समय पूरा होने से पहले ही अगर बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके उत्तराधिकारी को दो लाख रुपये तक की रकम दी जाती है। योजना का सालाना प्रीमियम 12 रुपये है, जो सीधे बीमाधारक के बैंक खाते से कटता है।
इस बीमा योजना का फायदा सभी पात्रों को मिलना चाहिए। इसकी निगरानी की जा रही है। डीएम से इसकी नियमित रिपोर्ट देने को भी कहा है। -रणवीर प्रसाद, कमिश्नर