बरेली। दिवाली का मौसम आते ही पटाखा बाजार भी तैयार हो गया है। आपको जानकार हैरानी होगी कि शहर में 25 कुंतल से ज्यादा बारूद पटाखों के रूप में मौजूद है। कुछ क्षेत्रों में स्थिति बेहद खतरनाक जैसी बनी हुई है। हर वर्ष पटाखा बारूद का स्टाक बढ़ता ही रहता है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस बार अब तक दो दर्जन लाइसेंस प्रशासन जारी कर चुका है। इन लाइसेंस पर अधिकतम 25 कुंतल पटाखे ही भंडारित किए जा सकते हैं। पटाखा बाजार सिर्फ दशहरा- दिवाली में ही चमकता है बल्कि पूरे वर्ष इसका कारोबार होता है। मंदी के शोरशराबा और प्रदूषण स्वच्छता के बावजूद इस बार करीब 18-20 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है।
शहर में दो दर्जन से ज्यादा थोक कारोबारी इस दिवाली पर भी पिछले वर्ष से ज्यादा कारोबार होने का अनुमान लगाए बैठें हैं, लेकिन इस पर खुल कर बोल नहीं हैं। सौ फुटा रोड पर दो दर्जन से ज्यादा दुकानें सज गई हैं। दिवाली भले ही अभी दूर हो लेकिन पटाखा बाजार में देर रात तक खुला रहता है। इन दिनों थोक कारोबार हो रहा है। रिटेल काम दिवाली से एक सप्ताह पहले ही होता है। इसलिए थोक बाजार में बरेली मंडल, रामपुर, खीरी, हरदोई और कुमायूं क्षेत्र से आने वाले व्यापारियों का जमावड़ा लग रहा है।
कुछ व्यापारियों को मंदी का डर सताए
तमाम को खुशहाली नजर आए
व्यापारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत ही काम करने का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पर्यावरण सुरक्षा के हिसाब से फैक्ट्रियों ने उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे हैं। करीब छह माह तक शिवकाशी में हड़ताल होने से उत्पादन प्रभावित हो गया है और बाजार में पटाखा मांग कम होने से कारोबार में दम नहीं है। पिछले साल से दस प्रतिशत बाजार कारोबार नीचे ही जाएगा। कारोबारी महंगाई की मार का दावा कर रहे हैं। जबकि तमाम कारोबारी बताते हैं कि पूरे वर्ष चलने वाला पटाखा कारोबार हर वर्ष भी ठीकठाक ही है। उनका कहना है दिवाली पर कारोबार खूब होता है।