बरेली। रोडवेज के रिश्वत मामले को लेकर बरेली परिचालक जनता दरबार में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से मिले। उन्होंने पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए एआरएम रुहेलखंड डिपो सत्येंद्र कुमार वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कुणाल राय ने शिकायती पत्र देते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर बिना टिकट यात्री के मामले का आरोप था, जिसके लिए उन्होंने पेनॉल्टी भर कर क्षमा के साथ अपना पक्ष रख दिया था। फिर भी मामले का निस्तारण नहीं हुआ। एक दिन एआरएम ने उन्हें बुलाकर मामले को निपटाने के लिए सहायक लिपिक राजीव सक्सेना को 15 हजार रुपये देने को कहा। जब वह लिपिक को पैसे देने पहुंचे तो एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया और कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया। जबकि एआरएम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह तब से छुट्टी पर हैं और फोन भी नहीं लग रहा है। यहां बता दें कि एआरएम वर्मा का पिछले दिनों स्थानांतरण हो चुका है।