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बच्चो! कमल को राष्ट्रीय पुष्प ही जानो पर सच न मानो

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बरेली। कई सरकारी वेबसाइटों के साथ एनसीआरटी की किताबों में लिखा है कि कमल ही राष्ट्रीय पुष्प है, लेकिन खुद सरकार इसकी पुष्टि नहीं करती। पीएमओ से आरटीआई के जरिये इस बारे में मांगी गई सूचना का जब तीन महीने बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से यह जवाब मिला कि कमल को राष्ट्रीय पुष्प घोषित किए जाने के संबंध में कोई आदेश या नोटिफिकेशन नहीं है तो सूचना मांगने वाला भी हैरान रह गया।
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सुरेश शर्मा नगर में रहने वाले पुष्पेंद्र गोला एटा की डाइट में डीएलएड का प्रशिक्षण ले रहे हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रहे अक्सर सरकारी योजनाओं और नियमों को लेकर आरटीआई के जरिये सूचनाएं मांगते रहते हैं। पुष्पेंद्र ने बताया कि एनसीआरटी की किताबों और सरकारी साइटों पर कमल को राष्ट्रीय पुष्प बताए जाने पर उन्हें शक था। इसी कारण उन्होंने 30 मई को इसकी पुष्टि के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से आरटीआई के तहत इसकी जानकारी मांगी थी। करीब एक महीने बाद पीएमओ से उन्हें पत्र भेजकर सूचना दी गई कि उनका आवेदन गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है। एक महीने बाद दूसरा पत्र आया जिसमें बताया गया कि उनके प्रश्न का जवाब वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से दिया जाएगा। 16 सितंबर के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का जवाब आया जिसमें कहा गया था कि कमल को राष्ट्रीय पुष्प घोषित किए जाने के संबंध में केंद्र सरकार की ओर से कोई आदेश या नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। पुष्पेंद्र ने बताया कि स्थिति स्पष्ट करने के लिए अब वह एनसीआरटी और सरकारी वेबसाइट नोइंडिया डॉट कॉम से इस जानकारी का स्रोत पता करने के लिए एक और आरटीआई डालने जा रहे हैं।
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