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श्मशान में आयुष्मान कार्ड फेंक गए स्वास्थ्य कर्मी

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फतेहगंज पश्चिमी। गरीबों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए केंद्र सरकार की भारत आयुष्मान योजना पर स्वास्थ्य विभाग ही पानी फेरने में जुटा हुआ है। फतेहगंज पश्चिमी के खिरका एचसी में लाभार्थियों को बांटने के लिए दिए गए आयुष्मान कार्ड स्वास्थ्य कर्मियों ने श्मशान भूमि पर फेंक दिए। गांव वालों की शिकायत पर सीएचसी प्रभारी ने जांच का आदेश दिया है।
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दरअसल खिरका सीएचसी की दीवार से ही सटी श्मशान भूमि है। शुक्रवार को गांव के एक युवक की अंत्येष्टि के लिए लोग श्मशान भूमि पहुंचे तो बीडीसी सदस्य कन्हई लाल की नजर वहां कूड़े के ढेर के नीचे दबे आयुष्मान कार्डों पर पड़ी। उन्होंने कार्ड उठाकर देखे तो पता चला कि ये गांव पंथरा, होंशपुर, मुबारकपुर, जगतपुर, काशीराम के 62 लाभार्थियों के नाम जारी हुए हैं जिन्हें स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर बांटना था लेकिन उन्होंने सारे कार्ड कूड़े में फेंक दिए।

तो बच जातीं हरपाल की दोनों टांगें
गांव आनंदपुर के हरपाल को छह माह पहले हादसे में घायल होने के बाद बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। गरीब परिवार इलाज का खर्च नहीं उठा पाया तो छुट्टी कराकर घर ले आया था। अमर उजाला ने उनका मामला प्रमुखता से उठाया तो स्वास्थ्य महकमे ने हरपाल की सुध लेकर उनका आयुष्मान कार्ड चालू कराया लेकिन देरी हो जाने से उनके दोनों पैरों में सेप्टिक हो गया जिन्हें काटना पड़ा।
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वसूली के खेल में तो ठिकाने नहीं लगा दिए सूत्रों के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मी आयुष्मान कार्ड के बदले लाभार्थी से सौ से दो सौ रुपये तक वसूली करते हैं। पैसा न देने पर लाभार्थी को कार्ड नहीं मिलता। आशंका जताई जा रही है कि ये आयुष्मान कार्ड उन लोगों के है जिन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को सुविधा शुल्क नहीं दिया।

कार्डों को बनवाने से लेकर उन्हें लाभार्थी के घर तक पहुंचाने की जिम्मेदार आशा वर्कर को दी गई है। कार्ड जिस-जिस क्षेत्र के हैं वहां की आशा पर कार्रवाई की जाएगी। - संचित कुमार शर्मा, सीएचसी प्रभारी खिरका
आयुष्मान कार्ड रिसीव करके आशा वर्कर को बांटने को दिए गए हैं। कार्ड शमशान घाट में कार्ड मिलने का मामला गंभीर है। जांच कराई जाएगी, दोषियों को जेल भी भेजा जा सकता है। डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
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