बरेली। मढ़ीनाथ रामलीला में दो कमेटियों के बढ़े विवाद में पुलिस ने एक कमेटी का धरना समाप्त करा दिया। धरने पर भूख हड़ताल पर बैठे एक कमेटी के अध्यक्ष की तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब प्रशासन के निर्णय करेगा कि रामलीला कौन सी कमेटी कराएगी।
मढ़ीनाथ श्री रामलीला कमेटी और श्री रामलीला कमेटी मढ़ीनाथ नेकपुर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार शाम कुछ लोगों ने मंदिर के गेट पर लगा ताड़ा तोड़ दिया। यह खबर श्री रामलीला कमेटी मढ़ीनाथ नेकपुर के पदाधिकारियों को पता चली तो उन्होंने सुभाषनगर थाने में तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भूख हड़ताल को खत्म कराकर टैंट आदि हटा दिया। इससे पहले श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मनोज विकट की तबियत खराब होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। श्री रामलीला कमेटी मढ़ीनाथ नेकपुर के देवेंद्र जोशी ने बताया कि आज प्रशासन से अनुमति किसी वजह से नहीं हो सकी। रामलीला एक अक्तूबर से शुरू होनी है। तब तक अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरी कमेटी के अध्यक्ष मनोज विकट स्वर्गीय तारा सक्सेना के पुत्र जो प्रचार मंत्री थे, स्वयं को कमेटी का अध्यक्ष बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज विकट कमेटी की सम्पत्ति को खुर्द करना चाहते हैं। दूसरी ओर मनोज विकट का कहना है कि फर्जी कमेटी में बीना शर्मा, देवेंद्र जोशी, दिनेश यादव आदि शामिल हैं, इनका करोड़ों की जमीन पर कब्जा करने का इरादा है। सुभाषनगर कार्यवाहक इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर से टैंट आदि हटा दिया है। अब प्रशासन के आदेश पर ही आगे की कार्रवाई होगी।