बरेली। सरकार भले ही श्रमिक और छोटे कारोबारियों के लिए बेहतर करना चाहती हो, लेकिन सिस्टम हर बार आड़े आता है। केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्रालय ने श्रमिकों और छोटे दुकानदारों को पेंशन आदि देने का वादा पूरा कर दिया। महत्वपूर्ण कार्य में प्रमुख भूमिका निभाने वाले कर्मचारी बीमा निगम का बुरा हाल है। केंद्रीय मंत्री के ही गृह जनपद में निगम कार्यालय एक गैराज में शिफ्ट कर दिया गया है, जो तीन माह से बंद जैसी स्थिति में है।
रामपुर मार्ग स्थित मिनी बाईपास पर संचालित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) कार्यालय करीब तीन माह पहले निजी भवन से ईएसआई अस्पताल (सीबी गंज) परिसर में बने गैराज में शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन वहां पर्याप्त स्थान नहीं होने से सामान तक नहीं खुल पाया है। इधर-उधर सीटें और कंप्यूटर पड़े हैं। फाइल और लोगों के आवेदन आदि भी बेतरतीब ही दिखते हैं। कार्यालय में सिर्फ तीन कर्मचारी तैनात हैं। उमेश मलिक प्रबंधक हैं, उनके पास इंस्पेक्टर का चार्ज भी है। जब मौके पर टीम जायजा लेने पहुंची तो वहां अव्यवस्था देख यह लग ही नहीं रहा था कि यह केंद्रीय सरकार और विभागीय मंत्री के गृह जनपद का कार्यालय है। इस कार्यालय में तमाम उद्यमी भी आते हैं, लेकिन वहां पर जनसुविधाएं और आगंतुकों के बैठने आदि तक की सुविधाएं नहीं हैं। यह हाल सिर्फ एक केंद्रीय कार्यालय का है।