फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकार अभी हाईवे की मरम्मत की रकम और देने को तैयार नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। लखनऊ हाईवे की हालत दिन ब दिन जर्जर होती जा रही है। इससे यहां आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने इसकी मरम्मत कराने के लिए 38 करोड़ का प्रस्ताव करीब दो माह पहले भेजा था लेकिन केंद्र सरकार की तरफ से इसे लेकर अब तक सहमति नहीं मिली है। ऐसे में इस बजट के पास होने की उम्मीद भी कम होती जा रही है। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि इसे लेकर कई बार मुख्यालय को भी चिट्ठी भेजी जा चुकी है।
विज्ञापन

लखनऊ हाईवे पर बरेली से सीतापुर के बीच फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और सड़क बनाने का ठेका लेने वाली कंपनी इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर के बीच में ही काम छोड़कर भाग चुकी है। इसके बाद फरीदपुर, फतेहगंज पूर्वी सहित कई जगहों पर हाईवे लगातार टूट और दरक रहा है। फरीदपुर बाईपास के फ्लाईओवर का एक हिस्सा पूरी तरह से टूट चुका है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद की पैरवी के बाद करीब दो माह पहले एनएचएआई के अधिकारियों ने करीब 38 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा था। अधिकारियों का कहना है कि वैसे तो पूरे हाईवे का बाकी पूरा करने के लिए करीब 700 करोड़ रुपये की जरूरत है लेकिन अभी 38 करोड़ ही मिल जाए तो हाईवे के टूटे हुए खतरनाक हिस्सों और डायवर्जन को ठीक कर दिया जाएगा। इससे एक्सीडेंट के खतरों को भी कम किया जा सकता है। हाल में फरीदपुर के पास निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर कई हादसों में उत्तराखंड के एक मंत्री के बेटे सहित कई लोगों की जान जा चुकी है। जबकि मरम्मत के प्रस्ताव पर सरकार की तरफ से एनएचएआई को अब तक कोई जवाब नहीं मिल रहा है। इससे संशय पैदा हो रहा है कि सरकार अब इस बजट को देगी भी या नहीं। हाईवे ठीक न होने से हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

लखनऊ हाईवे को दुरुस्त कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देश देकर सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था। इसकी अनुमति का इंतजार किया जा रहा है। इस प्रस्ताव के पास होने का इंतजार किया जा रहा है। -एनपी सिंह, पीडी, एनएचएआई
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें